रिलायंस को S&P का बड़ा तोहफा: डिजिटल और रिटेल बिजनेस ने बदली कंपनी की कमाई की तस्वीर

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Reliance S&P rating update:

नई दिल्ली, एजेंसियां। स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (S&P Global Ratings) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की लंबी अवधि की क्रेडिट रेटिंग ‘BBB+’ से बढ़ाकर ‘A-’ कर दी है, जबकि आउटलुक को ‘स्टेबल’ रखा गया है। एजेंसी का कहना है कि रिलायंस के डिजिटल सर्विसेज और रिटेल कारोबार से लगातार बढ़ रही कमाई और मजबूत कैश फ्लो ने कंपनी की आय प्रोफाइल को और स्थिर बनाया है। अपग्रेड के बाद रिलायंस की रेटिंग भारत की सॉवरेन रेटिंग से दो पायदान अधिक हो गई है, जो इसकी वित्तीय मजबूती का संकेत है।

S&P की रिपोर्ट के अनुसार:

S&P की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026 तक कंपनी के कुल ऑपरेटिंग कैश फ्लो में लगभग 60% योगदान डिजिटल और रिटेल से आने की उम्मीद है, जबकि पारंपरिक ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और ऑयल-गैस कारोबार की हिस्सेदारी करीब 40% रह सकती है। इस बदलाव से कंपनी का रेवेन्यू मॉडल उपभोक्ता-आधारित और स्थिर आय वाले क्षेत्रों पर अधिक केंद्रित हो रहा है।

जियो को कंपनी का भविष्य की कमाई कहा गया:

जियो को कंपनी की भविष्य की कमाई का प्रमुख इंजन बताते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले 12–24 महीनों में जियो के वायरलेस ग्राहकों में 3–6% वृद्धि संभव है। उच्च ARPU, प्रीमियम प्लान्स की डिमांड और डेटा खपत में तेजी के चलते FY26 में डिजिटल सर्विसेज और जियोस्टार से लगभग ₹80,000 करोड़ EBITDA की उम्मीद है, जो कुल EBITDA का 43% होगा।रिलायंस रिटेल भी कंपनी की आय को स्थिर बनाए हुए है। FY26 में रिटेल से ₹27,000 करोड़ EBITDA की संभावना जताई गई है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 14% होगी। देशभर में स्टोर विस्तार और मजबूत सप्लाई-चेन इसके प्रमुख कारक हैं।

भारी पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) के बावजूद रिलायंस का कैश फ्लो मजबूत रहने की उम्मीद है। सालाना कैपेक्स लगभग ₹1.4 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी आने वाले वर्षों में रिन्यूएबल और न्यू एनर्जी क्षेत्रों में निवेश बढ़ा सकती है, जो अगले पाँच वर्षों में नए ग्रोथ ड्राइवर साबित हो सकते हैं।

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