Rekha Gupta
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने 20 फरवरी को अपना पहला कार्यकाल वर्ष पूरा कर लिया। एक साल पहले सत्ता संभालते समय सरकार ने ‘विकसित दिल्ली संकल्प पत्र 2025’ के जरिए महिलाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े वादे किए थे। अब सवाल है कि इन वादों में से कितने पूरे हुए और कितने अभी अधूरे हैं।
किन वादों पर दिखी प्रगति
सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अहम कदम उठाते हुए आयुष्मान भारत योजना लागू की। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है और लाखों कार्ड जारी किए जा चुके हैं। कई जगहों पर ‘अटल कैंटीन’ शुरू की गई हैं, जहां 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
सड़क सुधार और परिवहन के क्षेत्र में 800 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुईं। 400 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों के नवीनीकरण का काम जारी है। इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई गई है और नई बस सेवाएं शुरू की गई हैं।जल परियोजनाओं के तहत 2100 करोड़ रुपये की योजनाएं शुरू की गई हैं, जिससे जल आपूर्ति और सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता में सुधार का दावा किया गया है। ‘भू आधार’ योजना के जरिए जमीनों को यूनिक नंबर देने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
किन वादों पर काम बाकी
महिला समृद्धि योजना के तहत 2500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा अभी लागू नहीं हो पाया है। बजट आवंटन हो चुका है, लेकिन पात्रता निर्धारण और डेटाबेस तैयार करने में समय लग रहा है।यमुना सफाई, लैंडफिल साइट्स हटाने और प्रदूषण कम करने जैसे बड़े वादे अभी शुरुआती चरण में हैं। सरकार ने 2026 के अंत तक इन लक्ष्यों को हासिल करने का समय तय किया है, लेकिन फिलहाल जमीनी असर सीमित नजर आ रहा है।फ्री शिक्षा, एलपीजी सब्सिडी और वरिष्ठ नागरिक पेंशन बढ़ाने जैसी योजनाएं आंशिक रूप से लागू हुई हैं, पर सभी लाभार्थियों तक पहुंच बनाना अभी चुनौती बना हुआ है।
उपलब्धियां और चुनौतियां
सरकार ने एससी/एसटी बस्तियों में विकास परियोजनाएं, मल्टी-लेवल पार्किंग और निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता जैसी योजनाएं शुरू की हैं। वहीं ‘लखपति बिटिया योजना’ 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।कुल मिलाकर, पहले साल में सरकार ने वेलफेयर योजनाओं पर तेजी दिखाई है और करीब 40-50% वादों पर प्रगति दर्ज की है। हालांकि, पर्यावरण और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों पर ठोस नतीजे 2026 में ही सामने आ पाएंगे। आने वाला साल रेखा गुप्ता सरकार के लिए निर्णायक साबित होगा।








