RBI new guidelines:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों द्वारा वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री यानी मिस-सेलिंग पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। केंद्रीय बैंक ने संकेत दिया है कि अब ग्राहकों को गुमराह कर बीमा, म्यूचुअल फंड या अन्य थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट बेचने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाई जाएगी। इसके लिए RBI ने नए नियमों का ड्राफ्ट संशोधन प्रस्तावित किया है।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार
प्रस्तावित नियमों के अनुसार बैंक कर्मचारियों को किसी भी थर्ड-पार्टी कंपनी से सीधे या परोक्ष रूप से इंसेंटिव लेने की अनुमति नहीं होगी। अक्सर देखा गया है कि बीमा या निवेश योजनाएं बेचने पर कर्मचारियों को अतिरिक्त कमीशन या बोनस मिलता था, जिसके कारण कई बार ग्राहकों को उनकी जरूरत के बिना भी प्रोडक्ट बेच दिए जाते थे।
डिजिटल सेवाओं और बंडलिंग पर भी सख्ती
RBI ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल होने वाले “डार्क पैटर्न” पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह ऐसे भ्रामक विकल्प होते हैं जिनसे ग्राहक अनजाने में किसी सेवा या प्रोडक्ट के लिए सहमति दे देते हैं। इसके अलावा बैंकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने किसी प्रोडक्ट के साथ थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट को जबरन न जोड़ें। ग्राहक को बीमा या अन्य सेवा किसी भी कंपनी से लेने की स्वतंत्रता होगी।अगर किसी मामले में मिस-सेलिंग साबित होती है, तो बैंक को ग्राहक की पूरी राशि लौटानी होगी और नुकसान की भरपाई भी करनी पड़ेगी। साथ ही, किसी भी प्रोडक्ट की बिक्री के 30 दिनों के भीतर ग्राहक से फीडबैक लेना अनिवार्य होगा।
डायरेक्ट सेलिंग एजेंट्स के लिए भी नई आचार संहिता प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत ग्राहकों से संपर्क तय समय सीमा के भीतर ही किया जा सकेगा। RBI के इन कदमों को बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







