RBI big announcement:
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के करोड़ों किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना को और अधिक प्रभावी और किसान-हितैषी बनाने के लिए नए मसौदा दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन प्रस्तावित बदलावों का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस योजना से जोड़ना, कर्ज लेने की प्रक्रिया को सरल बनाना और खेती की बदलती जरूरतों के अनुरूप वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। केंद्रीय बैंक ने इन प्रस्तावों पर 6 मार्च तक सुझाव और प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की हैं।
फसल चक्र के अनुसार तय होगी लोन अवधि
नए मसौदे के अनुसार, फसल चक्र के आधार पर लोन अवधि तय करने का प्रस्ताव रखा गया है। कम अवधि वाली फसलों के लिए 12 महीने और लंबी अवधि वाली फसलों के लिए 18 महीने का चक्र निर्धारित करने की योजना है। इससे किसानों को लोन चुकाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और भुगतान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। यह बदलाव किसानों के लिए वित्तीय दबाव को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।
KCC की वैधता अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव
आरबीआई ने किसान क्रेडिट कार्ड की वैधता अवधि को बढ़ाकर 6 साल करने का सुझाव दिया है। इससे किसानों को बार-बार दस्तावेजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और उन्हें लंबे समय तक लगातार क्रेडिट सुविधा मिलती रहेगी। इसके अलावा, हर साल लगभग 10 प्रतिशत तक क्रेडिट सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे खेती की बढ़ती लागत और महंगाई का सामना करना आसान होगा।
तकनीकी खर्च भी होंगे शामिल
नए दिशानिर्देशों में खेती से जुड़े तकनीकी खर्चों को भी लोन में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसमें मिट्टी परीक्षण, मौसम संबंधी जानकारी प्राप्त करना, जैविक खेती अपनाना और आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग जैसे खर्च शामिल होंगे। ये सभी खर्च पहले से निर्धारित अतिरिक्त 20 प्रतिशत राशि के भीतर कवर किए जा सकेंगे। इससे किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए अलग से धन की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी।
छोटे किसानों को होगा सबसे ज्यादा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रस्तावित बदलावों से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक फायदा होगा। कर्ज प्रक्रिया आसान होने से अधिक किसान इस योजना से जुड़ पाएंगे और खेती के लिए जरूरी वित्तीय सहायता समय पर मिल सकेगी। यदि ये दिशानिर्देश लागू होते हैं, तो किसान क्रेडिट कार्ड योजना पहले से अधिक उपयोगी और प्रभावी बन सकती है।








