RBI Digital payments: भारतीय रिजर्व बैंक की बड़ी पहल: भारत-यूरोप के बीच आसान होगी डिजिटल पेमेंट

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नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत ने डिजिटल पेमेंट के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा लिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने घोषणा की है कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जल्द ही यूरोपियन सेंट्रल बैंक के TIPS (TARGET Instant Payment Settlement System) से जुड़ने जा रहा है। यह समझौता भारत और यूरोप के बीच रियल-टाइम, तेज़, सुरक्षित और कम लागत वाले डिजिटल ट्रांजैक्शन को संभव बनाएगा। इस फैसले से यूरोप में रहने वाले लाखों भारतीय छात्रों, कामगारों, पेशेवरों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।

TIPS यूरोप का UPI जैसा रियल-टाइम पेमेंट नेटवर्क है:

TIPS यूरोप का UPI जैसा रियल-टाइम पेमेंट नेटवर्क है, जिसमें 30 से अधिक देशों के बैंक जुड़े हैं। RBI और NPCI International कई महीनों से इसके साथ तकनीकी और रणनीतिक समझौते पर काम कर रहे थे। अब दोनों पक्षों ने इम्प्लीमेंटेशन फेज शुरू करने की सहमति दे दी है। इस इंटरलिंकिंग के बाद भारत से यूरोप भेजा गया पैसा तुरंत पहुंच सकेगा, वहीं यूरोप से भारत आने वाले रेमिटेंस भी सेकंडों में पूरा हो जाएगा।

इस साझेदारी से क्या क्या बदलाव की उम्मीद है?

इस साझेदारी से बैंक चार्ज, फॉरेक्स फीस और ट्रांजैक्शन कॉस्ट में कमी आने की उम्मीद है। भारतीय पर्यटक अब यूरोप के कई देशों में आसानी से UPI के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे, जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा को और सुविधाजनक बनाएगा। वर्तमान में UPI सिंगापुर, UAE, फ्रांस, मॉरीशस, भूटान और नेपाल जैसे देशों में पहले से स्वीकार किया जा रहा है। यूरोप के TIPS जैसे बड़े नेटवर्क से जुड़ना UPI को वास्तव में “ग्लोबल पेमेंट सिस्टम” बनाने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।

यह कदम G20 की उस वैश्विक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में सस्ते, सुरक्षित और तेज क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स को बढ़ावा देना है। भारत ने G20 अध्यक्षता के दौरान UPI के अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर विशेष जोर दिया था, और अब उसका ठोस परिणाम सामने आ रहा है। RBI, NIPL और यूरोपियन सेंट्रल बैंक अब तकनीकी एकीकरण और जोखिम प्रबंधन पर काम करेंगे ताकि UPI-TIPS लिंक जल्द लॉन्च हो सके।

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