Ratan Tata:
मुंबई, एजेंसियां। रतन टाटा के करीबी रहे मेहली मिस्री को सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के बोर्ड से बाहर कर दिया गया है। 6 में से तीन ट्रस्ट्रीज ने री-अपॉइंटमेंट के खिलाफ वोट डाला है।
नोएल टाटा समेत 3 ने खिलाफ में वोट दियाः
रिपोर्ट्स के मुताबिक डेरियस खंबाटा, प्रमित झावेरी और जहांगीर एचसी जहांगीर ने सहमति में वोट डाला, लेकिन नोएल टाटा समेत 3 ने उनके री-अपॉइंटमेंट के खिलाफ वोट डाला है।
ये 3-3 टाई बना, लेकिन ट्रस्ट्स के रूल्स के मुताबिक ये “टाई” नहीं, बल्कि “नो कंसेंसस” यानी, सहमति न होना है। टाटा ट्रस्ट्स के रूल्स में सभी की सहमति ही जरूरी है।
टाटा संस के 66% शेयर कंट्रोल करता है टाटा ट्रस्टः
टाटा ट्रस्ट्स में सर रतन टाटा ट्रस्ट समेत कुछ और ट्रस्ट्स है। ये ट्रस्ट्स टाटा संस के 66% शेयर कंट्रोल करते हैं। टाटा संस में TCS, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स जैसी कंपनियां है। मिस्त्री 2022 से सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के ट्रस्टी थे। ये दोनों मुख्य ट्रस्ट्स मिलकर टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में 51% हिस्सेदारी रखते हैं। इनके पास टाटा संस के बोर्ड में एक-तिहाई सदस्यों को नॉमिनेट करने का हक है।
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