Ram Lalla Pran Pratishtha
अयोध्या, एजेंसियां। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी धूमधाम और धार्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक, यज्ञ, हवन और विशेष पूजन किया गया। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। रक्षा मंत्री ने रामलला की आरती उतारी, दर्शन-पूजन किया और अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण भी किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अयोध्या की पावन भूमि पर आकर वह भावुक और अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व 500 वर्षों के इंतजार के बाद भगवान राम भव्य मंदिर में विराजमान हुए और यह मंदिर हजारों वर्षों तक राम के आदर्शों का गुणगान करता रहेगा। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को दुनिया के सबसे बड़े आंदोलनों में से एक बताया। साथ ही यह भी कहा कि भगवान राम की मर्यादा और नीति आज के भारत की पहचान है। रक्षा मंत्री ने यह घोषणा भी की कि भगवान राम के साथ-साथ सीतामढ़ी में माता जानकी का भी भव्य मंदिर बनाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है, जिसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं लेते रहते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन के कई परिणाम अयोध्या ने देखे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि अब अयोध्या विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़ी है। बीते पांच वर्षों में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या आए हैं और अब यहां सड़क, बिजली, पानी, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर यात्रा का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों के लिए प्रार्थना की और कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की प्रेरणा हर नागरिक के हृदय में सेवा, समर्पण और करुणा की भावना को और मजबूत करे। पूरे दिन मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन कर शांति और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति होने की बात कही। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए अतिरिक्त बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

