Rajya Sabha in 2026
नई दिल्ली, एजेंसियां। साल 2026 राज्यसभा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस वर्ष ऊपरी सदन की 75 सीटों पर चुनाव होने हैं, जिससे संसद के इस सदन की राजनीतिक तस्वीर मौजूदा स्थिति से काफी अलग हो सकती है। कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव भी राज्यसभा चुनावों की दिशा और दशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल पूरा
आने वाले साल में राज्यसभा के कई वरिष्ठ सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसी क्रम में मोदी सरकार के छह मंत्रियों का भी राज्यसभा कार्यकाल 2026 में समाप्त होगा। ऐसे समय में, जब केंद्र में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें पहले से ही तेज हैं, राज्यसभा चुनाव राजनीतिक समीकरणों को और प्रभावित कर सकते हैं। महाराष्ट्र से लगातार बीजेपी के समर्थन से राज्यसभा पहुंच रहे रामदास अठावले का कार्यकाल भी इसी दौरान खत्म हो रहा है, जबकि हाल के दिनों में एनडीए के भीतर उनके संबंधों को लेकर असहजता की खबरें सामने आती रही हैं।
राज्यसभा की पांच सीटें खाली
बिहार में अप्रैल 2026 में राज्यसभा की पांच सीटें खाली होंगी। इनमें आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा और जेडीयू के हरिवंश नारायण जैसे नाम शामिल हैं। विधानसभा के मौजूदा संख्याबल को देखते हुए एनडीए के खाते में पांच में से चार सीटें जाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में राज्यसभा में आरजेडी की ताकत घट सकती है, जबकि AIMIM जैसे छोटे दलों की भूमिका अहम हो सकती है।
पश्चिम बंगाल में पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव
पश्चिम बंगाल में भी पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें से चार सीटें तृणमूल कांग्रेस की हैं, जबकि सीपीएम सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य का कार्यकाल भी अप्रैल में खत्म हो रहा है। राज्य में मार्च–अप्रैल के दौरान संभावित विधानसभा चुनावों के बाद बदली हुई राजनीतिक स्थिति का सीधा असर राज्यसभा चुनावों पर पड़ सकता है। मध्य प्रदेश में राज्यसभा के तीन सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। 230 सदस्यीय विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर बीजेपी के खाते में दो और कांग्रेस के खाते में एक सीट जाने की संभावना जताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटें खाली होंगी। इनमें से फिलहाल आठ सीटें बीजेपी के पास हैं। नवंबर 2026 में जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त होगा, उनमें नीरज शेखर, दिनेश शर्मा, हरदीप पुरी, वी.एस. वर्मा, बृज लाल और सीमा द्विवेदी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और बीएसपी के रामजी गौतम का कार्यकाल भी इसी दौरान खत्म होगा। विधानसभा में संख्याबल के आधार पर बीजेपी के अपनी आठ सीटें बरकरार रखने और सपा के दो सीटें जीतने की संभावना है। बीएसपी के पास पर्याप्त संख्या न होने के कारण पार्टी के लिए राज्यसभा में प्रतिनिधित्व बनाए रखना मुश्किल नजर आ रहा है। ऐसे हालात बने तो करीब दो दशक बाद बीएसपी के राज्यसभा में कोई भी सांसद नहीं रहेगा। फिलहाल राज्यसभा में एनडीए के पास 129 सीटें हैं, जबकि विपक्ष के खाते में 78 सीटें हैं। ऐसे में 2026 में होने वाले 75 सीटों के चुनाव से ऊपरी सदन की राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव होना तय माना जा रहा है।


















