Rajpal Yadav cheque bounce case:
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद जेल में सरेंडर कर दिया है। अदालत ने उन्हें पहले ही आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था और मोहलत देने से इनकार कर दिया था।
जानकारी के अनुसार
जानकारी के अनुसार, राजपाल यादव अदालत में 25 लाख रुपये का चेक लेकर पहुंचे और बाकी राशि चुकाने के लिए समय देने की अपील की। हालांकि कोर्ट ने कहा कि पहले उन्हें सरेंडर करना होगा, उसके बाद ही राहत की मांग पर विचार किया जा सकता है। अदालत के निर्देश के बाद अभिनेता ने आत्मसमर्पण कर दिया।
क्या है मामला?
यह मामला साल 2010 से जुड़ा हुआ है। राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से लगभग 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। आरोप है कि उन्होंने यह राशि समय पर वापस नहीं की। बाद में भुगतान के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद कंपनी ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।
मामले की सुनवाई के दौरान
मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी मानते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी। हालांकि उनकी अपील पर 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगा दी थी और समझौते के तहत बकाया राशि लौटाने का अवसर दिया गया था।बताया जाता है कि तय समय में पूरा भुगतान नहीं होने के कारण अदालत ने हाल ही में सख्त रुख अपनाते हुए अभिनेता को सरेंडर करने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को पूरा करना होगा।
इस घटनाक्रम के बाद फिल्म इंडस्ट्री में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय से चल रहा यह कानूनी विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है, जहां अभिनेता को न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना पड़ रहा है।











