Railway stations food hubs: रेलवे स्टेशन में बनेंगे फूड हब, एयरपोर्ट जैसा मिलेगा प्रीमियम डाइनिंग एक्सपीरियंस

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Railway stations food hubs

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय रेलवे स्टेशनों पर यात्रा करने वालों के लिए जल्द ही खाने-पीने का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है। रेलवे स्टेशनों पर अब यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी प्रीमियम फूड और बेवरेज सुविधाएं मिलने की तैयारी है। मैकडॉनल्ड्स, केएफसी, हल्दीराम, वाओ मोमो और बास्किन रॉबिंस जैसी कई नामी भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फूड कंपनियों ने रेलवे स्टेशनों पर अपने आउटलेट खोलने को लेकर रुचि दिखाई है और इसके लिए रेल मंत्रालय से नियमों और शर्तों की जानकारी मांगी है।

रेलवे अधिकारियों और इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों ने क्या कहा?

रेलवे अधिकारियों और इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि देशभर के बड़े रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या एयरपोर्ट्स से कहीं ज्यादा होती है। रोजाना लाखों यात्री स्टेशनों से गुजरते हैं, ऐसे में फूड ब्रांड्स के लिए यह एक बड़ा और फायदेमंद बाजार साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने हाल ही में संकेत दिए थे कि रेलवे स्टेशनों पर जानी-मानी फूड और कैफे ब्रांड्स को प्रीमियम आउटलेट खोलने की अनुमति दी जाएगी।

इस पहल का मकसद क्या है?

इस पहल का मकसद यात्रियों को बेहतर, साफ-सुथरा और भरोसेमंद खाने का विकल्प उपलब्ध कराना है। साथ ही इससे रेलवे की नॉन-फेयर रेवेन्यू यानी गैर-किराया आय में भी इजाफा होगा। सूत्रों के मुताबिक, रेलवे की कैटरिंग पॉलिसी 2017 में संशोधन किया गया है, जिसके तहत अब प्रीमियम ब्रांड्स को भी स्टेशन परिसर में जगह देने का प्रावधान जोड़ा गया है।

रेलवे का लक्ष्य क्या है?

रेलवे का लक्ष्य है कि 2026 तक प्रमुख स्टेशनों पर प्रीमियम फूड आउटलेट शुरू हो जाएं और यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिल सकें। उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि भले ही एयरपोर्ट पर खाना महंगा होता है, लेकिन रेलवे स्टेशनों पर ज्यादा भीड़ और तेज बिक्री के कारण यहां मुनाफे की संभावना अधिक है। अगर फूड कंपनियां सही कीमत और बिजनेस मॉडल अपनाती हैं, तो रेलवे स्टेशन उनके लिए एक बेहद लाभकारी प्लेटफॉर्म बन सकते हैं।

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