Rahul Gandhi statement
नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में उस वक्त जोरदार हंगामा हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की तथाकथित किताब का जिक्र करते हुए डोकलाम और चीन से जुड़ा बयान दिया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि चीन की सेना भारतीय सीमा में घुस रही थी और चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र के पास तक पहुंच गए थे। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
राहुल गांधी ने सदन में कहा कि उनके पास पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की रिपोर्ट और किताब से जुड़े उद्धरण हैं, जिनमें दावा किया गया है कि चीनी सेना के चार टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे और कैलाश रिज की ओर बढ़ रहे थे। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। हालांकि, राहुल गांधी द्वारा जिस किताब का हवाला दिया गया, वह अब तक प्रकाशित नहीं हुई है, इसी बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
राजनाथ सिंह की कड़ी आपत्ति
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन को गुमराह करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि राहुल गांधी जिस किताब का हवाला दे रहे हैं, उसे सदन के पटल पर रखें। राजनाथ सिंह ने कहा कि बिना प्रकाशित और प्रमाणिक दस्तावेज के आधार पर इस तरह के बयान देना संसदीय नियमों के खिलाफ है।
अमित शाह का पलटवार
गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी को टोका और कहा कि वह बिना प्रामाणिकता के बात कर रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी एक मैगजीन या अपुष्ट रिपोर्ट के आधार पर बयान दे रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हो रही है, न कि अफवाहों पर।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लोकसभा में शोर-शराबा बढ़ गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हुई। चीन और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर एक बार फिर सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।












