Save MNREGA
नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस ने देशभर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बचाने के लिए ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ की घोषणा कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे लेकर जनता के बीच सक्रिय आंदोलन चलाने का आह्वान किया है। खरगे ने कहा कि सरकार ने मनरेगा को खत्म करने का कदम उठाकर सीधे गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर हमला किया है। उनका कहना है कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं है, बल्कि यह संविधान द्वारा प्रदत्त काम करने का अधिकार है और इसे कमजोर या समाप्त करना लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर खतरा है।
मनरेगा बचाओ अभियान का संकल्प
कांग्रेस के केंद्रीय कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में इस मुद्दे पर विचार किया गया और पार्टी ने पूरे देश में अभियान चलाने का संकल्प लिया। खरगे ने तीन कृषि कानूनों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह विरोध के बाद उन कानूनों को वापस लिया गया, उसी तरह मनरेगा के मामले में भी जनता की आवाज उठनी चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया और कहा कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को हर गांव और घर तक जाकर जागरूकता फैलानी होगी।
राहुल गांधी ने कहा
राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा को खत्म करना गरीबों और राज्यों के अधिकारों पर हमला है। उन्होंने इसे देश के संघीय ढांचे और अधिकारों के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने वाला विकास ढांचा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना किसी अध्ययन और बिना सलाह लिए यह फैसला एकतरफा तरीके से लिया। राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि विपक्षी दल एकजुट होकर सरकार के इस कदम का विरोध करेंगे।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मनरेगा की संरचना में कोई नकारात्मक बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि 100 दिन की रोजगार गारंटी को अब 125 दिन कर दिया गया है, जिससे यह और बेहतर तरीके से काम करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि योजना का नाम महात्मा गांधी के आदर्शों के आधार पर रखा गया है। कुल मिलाकर कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर देशभर में अभियान शुरू करेगी, जिसका उद्देश्य मनरेगा को बचाना, गरीबों के अधिकारों की रक्षा करना और सरकार के एकतरफा फैसलों के खिलाफ जन जागरूकता फैलाना है।







