Raghav Chadha Parliament speech: राघव चड्ढा ने संसद में उठाया खाने में मिलावट का मुद्दा, बोले – हम सब धीरे-धीरे जहर पी रहे हैं

2 Min Read
New Delhi, Dec 03 (ANI): Aam Aadmi Party (AAP) MP Raghav Chadha speaks in Rajya Sabha during the Winter Session of Parliament, in New Delhi on Tuesday. (ANI Photo/Sansad TV)

Raghav Chadha Parliament speech:

नई दिल्ली, एजेंसियां। राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने संसद में खाने में मिलावट का मुद्दा उठाया और इसे भारत का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट बताया। उन्होंने कहा कि बाजार में फर्जी उत्पाद शुद्धता का लेबल लेकर बेचे जा रहे हैं, जिसमें हानिकारक केमिकल्स और मिलावट मौजूद है। चड्ढा ने उदाहरण देते हुए बताया कि दूध में यूरिया, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन, पनीर में कास्टिक सोडा, मसालों में ईंट का चूरा, शहद में पीला रंग, मुर्गी के मांस में स्टेरॉयड और आइसक्रीम में डिटर्जेंट मिलाया जा रहा है। उनका कहना था, “हम सब धीमा जहर पी रहे हैं।”

बच्चों और आम जनता के लिए खतरा

चड्ढा ने कहा कि मिलावट वाले उत्पाद खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने बताया कि दूध के 71% सैंपल्स में यूरिया और 64% में न्यूट्रलाइजर जैसे हानिकारक तत्व पाए गए। इसके अलावा, ऑक्सीटोसिन से सब्जियों का ग्रोथ तेज किया जाता है, जो चक्कर, सिरदर्द, हार्ट फेल्योर और कैंसर जैसी बीमारियां पैदा कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में कई फूड आइटम्स ऐसे हैं जो दूसरे देशों में जानवरों को भी नहीं खिलाए जाते, फिर भी यहां बिक रहे हैं।

सुझाव और समाधान

राघव चड्ढा ने खाने में मिलावट रोकने के लिए तीन सुझाव दिए:

  • FSSAI को मजबूत करना, पर्याप्त मैनपावर और लैब टेस्टिंग बढ़ाना।
  • जुर्माने और पेनल्टी को बढ़ाना, ताकि यह वित्तीय रूप से प्रभावी हो।
  • पब्लिक रिकॉल मैकेनिज्म, मिलावटी उत्पादों को बाजार से हटाना और भ्रामक स्वास्थ्य क्लेम्स की एडवरटाइजिंग रोकना।

राघव ने कहा कि इन उपायों से देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है और आम जनता को सुरक्षित भोजन मिल सकेगा।

Share This Article