Air Force Day 2025:
गाजियाबाद, एजेंसियां। भारतीय वायुसेना के 93वें स्थापना दिवस पर हिंडन एयरफोर्स स्टेशन में राफेल और सुखोई-30MKI फाइटर जेट्स को स्टैटिक डिस्प्ले के रूप में रखा गया। बड़ी संख्या में आए नागरिकों ने जेट्स को करीब से देखा और वायुसेना की आधुनिक क्षमताओं का यथार्थ नज़दीक से जाना।
रिपोर्ट के अनुसार
राफेल को मल्टी-रोल मंच के तौर पर पेश किया गया यह हवा में वायु-युद्ध, जमीन लक्ष्य पर सटीक स्ट्राइक और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल ने लंबी-रेंज स्ट्राइक में अहम भूमिका निभाई, विशेषकर Meteor (एयर-टू-एयर) तथा SCALP/Storm Shadow जैसे प्रिसिजन-स्ट्रोल क्रूज मिसाइलों के साथ गहरे ठिकानों को निशाना बनाने में। यह रेंज-आधारित सटीकता राफेल की ताकत का मुख्य कारण मानी जाती है।
दूसरी ओर सुखोई-30MKI की बहु-दूरी और बहु-हथियार क्षमता ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। यह विमान लंबी दूरी के मिशनों और भारी पेलोड के साथ ऑपरेशन अंजाम देने में सक्षम है। सुखोई पर इंस्टॉल होने पर ब्रहमोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल उसकी स्ट्राइक एण्ड-एफ्लिक्सिबिलिटी को कई गुना बढ़ा देती है, जिससे बिना गहरे घुसे ही गहन प्रभावी हमले संभव होते हैं।
वायुसेना ने शांति और सुरक्षा पर दिया जोर
वायुसेना ने शांति और सुरक्षा के संदेश के साथ नागरिक सहभागिता बढ़ाने पर ज़ोर दिया। प्रदर्शनी में लड़ाकू विमान, उनके हथियार-नियंत्रण उपकरण, और फ्लाइट-क्रू के साथ बातचीत ने आम लोगों को वायुसना के मिशन और तकनीकी जटिलताओं की समझ दी। इस अवसर पर वायुसेना की तत्परता और आधुनिकरण की दिशा में आगे बढ़ती क्षमता स्पष्ट दिखी।
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