Protest in Kolkata:
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया में लगे बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का विरोध सोमवार को और उग्र हो गया। कोलकाता में निर्वाचन आयोग के दफ्तर के बाहर बड़ी संख्या में बीएलओ जुटे और काम के अत्यधिक दबाव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार हंगामा किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा।
बीएलओ ने क्या कहा?
बीएलओ का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया ने उनका काम कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे उन्हें “अमानवीय तनाव” झेलना पड़ रहा है। पिछले हफ्ते भी विरोध के दौरान बीएलओ ने राज्य निर्वाचन आयुक्त के दफ्तर में घुसने की कोशिश की थी, जिसके बाद चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को सुरक्षा में चूक पर सख्त पत्र भेजा था।
बीएलओ बोले—काम का बोझ जानलेवा, देशभर में कई मौतों का दावा:
बीएलओ संगठन का आरोप है कि लंबे कार्यदिवस, भारी टारगेट और दबाव के कारण देशभर में कई बीएलओ की मौतें हुई हैं। परिवारों ने भी अधिकारियों पर लगातार बोझ डालने की शिकायत की है। यह विरोध ऐसे समय हो रहा है जब बंगाल समेत 12 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है और देशभर के 5.32 लाख से ज्यादा कर्मचारी इसमें शामिल हैं। इसके साथ ही 12.43 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी इस प्रक्रिया में जुड़े हैं।
चुनाव आयोग ने बढ़ाई समयसीमा, 11 दिसंबर तक चलेगा पुनरीक्षण:
विरोध के बीच चुनाव आयोग ने देर रात एसआईआर की डेडलाइन 7 दिन बढ़ा दी, अब यह प्रक्रिया 11 दिसंबर तक चलेगी। मसौदा मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित होगी और अंतिम सूची 14 फरवरी को जारी की जाएगी। आयोग ने कहा कि 50 करोड़ से अधिक मतदाताओं से जुड़ी इस गहन प्रक्रिया में सभी फील्ड स्टाफ को राहत देने के लिए समयसीमा बढ़ाई गई है।कोलकाता में विरोध अभी भी जारी है और बीएलओ ने चेतावनी दी है कि जब तक काम के दबाव में कमी और बेहतर व्यवस्था नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।







