India West Asia Africa tour
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 दिसंबर से तीन देशों जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के दौरे पर रवाना हो गए हैं। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी हुई है। भारत इस दौरे के जरिए पश्चिम एशिया और अफ्रीका में अपने भरोसेमंद साझेदारों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग को और मजबूत करना चाहता है। खास बात यह है कि जॉर्डन और इथियोपिया की यह पीएम मोदी की पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा है, जबकि ओमान का यह उनका दूसरा दौरा है।
पहला पड़ाव जॉर्डन, 75 साल के रिश्तों का जश्न
पीएम मोदी अपने दौरे की शुरुआत जॉर्डन से करेंगे, जहां भारत-जॉर्डन कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। यहां प्रधानमंत्री जॉर्डन के शाह किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात करेंगे। बातचीत में आतंकवाद-रोधी सहयोग, ऊर्जा साझेदारी, क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार विस्तार जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत और जॉर्डन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2.8 अरब डॉलर का है और भारत जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
अफ्रीका में भारत की पकड़ मजबूत करेगा इथियोपिया दौरा
जॉर्डन के बाद प्रधानमंत्री मोदी 16 दिसंबर को इथियोपिया पहुंचेंगे। यह उनका पहला इथियोपिया दौरा होगा। यहां वे प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली से मुलाकात कर कृषि, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी और विकास साझेदारी पर चर्चा करेंगे। भारत इथियोपिया के शीर्ष निवेशकों में शामिल है और यहां भारत की 650 कंपनियों ने पांच अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। यह दौरा दक्षिण-दक्षिण सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
ओमान में एफटीए पर नजर, दौरे का अहम पड़ाव
पीएम मोदी के दौरे का अंतिम पड़ाव ओमान होगा, जहां 17-18 दिसंबर के बीच भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इसे व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) कहा जा रहा है। इस समझौते से दोनों देशों के व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, यह तीन देशों का दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति और आर्थिक हितों को मजबूती देने वाला माना जा रहा है।







