PM Modi in Jordan
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया जॉर्डन यात्रा को भारत और मिडिल ईस्ट के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जॉर्डन की राजधानी अम्मान में पीएम मोदी ने जॉर्डन के राजा किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन से मुलाकात की, जहां दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता हुई और कुल पांच महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का असर आने वाले समय में व्यापार, रोजगार और तकनीक जैसे क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। भारत और जॉर्डन के बीच ऊर्जा, जल प्रबंधन, डिजिटल बदलाव और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में हुए समझौतों से द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति मिलेगी।
जॉर्डन में भारतीयों के लिए नौकरी के अवसर
जॉर्डन मिडिल ईस्ट का एक महत्वपूर्ण देश है, जहां निर्माण, स्वास्थ्य, आईटी, शिक्षा और सेवा क्षेत्र में रोजगार के अच्छे अवसर मौजूद हैं। भारत-जॉर्डन के बढ़ते रिश्तों का सीधा लाभ उन भारतीयों को मिल सकता है, जो विदेश में नौकरी की योजना बना रहे हैं। पहले से ही कई भारतीय जॉर्डन में कार्यरत हैं और आने वाले समय में इस संख्या के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
जॉर्डन की करेंसी और भारतीय कीमत
जॉर्डन की आधिकारिक मुद्रा जॉर्डनियन दिनार (JOD) है, जिसे दुनिया की मजबूत मुद्राओं में गिना जाता है। वर्तमान में 1 जॉर्डनियन दिनार की कीमत करीब 128.09 भारतीय रुपये के बराबर है। यदि कोई भारतीय जॉर्डन में नौकरी कर 50,000 जॉर्डनियन दिनार कमाता है, तो भारतीय रुपये में इसकी कीमत लगभग 64 लाख रुपये बैठती है। इस लिहाज से जॉर्डन में की गई कमाई भारत में अच्छी-खासी मानी जाती है।
डिजिटल और तकनीकी सेक्टर में नए मौके
डिजिटल बदलाव को लेकर हुए समझौतों से आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। भारत की पहचान एक वैश्विक आईटी हब के रूप में है, ऐसे में जॉर्डन में भारतीय आईटी पेशेवरों, स्टार्टअप्स, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों की मांग बढ़ सकती है। कुल मिलाकर, पीएम मोदी की जॉर्डन यात्रा से न सिर्फ दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हुए हैं, बल्कि भारतीय युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार और कमाई के नए अवसर भी खुलने की संभावना बनी है।







