PAN card:
नई दिल्ली, एजेंसियां। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने आधार बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेजों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत PAN कार्ड, स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट और डिसेबिलिटी कार्ड को पहचान पत्र की मान्य सूची से हटा दिया गया है। अब आधार बनवाने या अपडेट कराने में PAN कार्ड का उपयोग पहचान प्रमाण के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
पहले इससे जन्मतिथि और नाम सुधार भी संभव था, लेकिन अब ये विकल्प समाप्त हो चुके हैं। UIDAI ने विशेष रूप से 5–18 आयु वर्ग के बच्चों के लिए दस्तावेज़ प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। इस आयु समूह में नया आधार अब केवल Birth Certificate के आधार पर ही बनेगा। पहले राशन कार्ड, CGHS कार्ड और स्कूल मार्कशीट जैसे दस्तावेज़ भी मान्य थे, लेकिन अब उन्हें सूची से हटा दिया गया है।
UIDAI ने जिन दस्तावेज़ों को पहचान पत्र की सूची से हटाया है:
- पैन कार्ड
- स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट
- स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट
- डिसेबिलिटी कार्ड
बैंक पासबुक केवल पते के प्रमाण के रूप में मान्य
पहचान दस्तावेज़ों में बदलाव के साथ बैंक पासबुक को भी केवल पते के प्रमाण के रूप में सीमित कर दिया गया है। यानी पहचान के लिए बैंक पासबुक स्वीकार नहीं होगी। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए भी प्रक्रिया सख्त की गई है। 18 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगों को आधार बनाने या अपडेट करने के लिए अब डिसेबिलिटी ID के बजाय जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के हस्ताक्षर वाला प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा।
नाम परिवर्तन प्रक्रिया को सरल करते हुए UIDAI ने पुराने नाम के ID की अनिवार्यता खत्म कर दी है। यानी गजट नोटिफिकेशन के बाद आधार में नाम अपडेट कराने के लिए अब पुराने नाम वाले किसी भी दस्तावेज़ की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, PAN कार्ड से नाम का संशोधन अब संभव नहीं होगा।
इन सभी बदलावों का लक्ष्य आधार डेटाबेस को अधिक विश्वसनीय, साफ और त्रुटिरहित बनाना है। UIDAI ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी आधारित और भी अपडेट लागू किए जा सकते हैं।








