Indian air space: भारत के एयरस्पेस पर प्रतिबंध से पाकिस्तान को 410 करोड़ रुपये का नुकसान

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नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव में एक नया मोड़ सामने आया है, जिसमें पाकिस्तान को अपने एयरस्पेस को भारतीय विमानों के लिए बंद करने के कारण भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

पाकिस्तान को हुआ 410 करोड़ रुपये का नुकसान

पाकिस्तान ने 24 अप्रैल से 30 जून 2025 के बीच भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। इसके चलते पाकिस्तान को लगभग 410 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। भारतीय रुपये में यह नुकसान करीब 127 करोड़ रुपये के बराबर है। इस फैसले से 100-150 भारतीय विमानों को प्रभावित किया गया, जिनमें लीज पर लिए गए विमान भी शामिल थे।

पाकिस्तान ने एयरस्पेस बंद क्यों किया?

भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद पाकिस्तान बौखला गया था और 24 अप्रैल 2025 को भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया। यह कदम भारत द्वारा पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाया गया था, जो भारत-पाकिस्तान रिश्तों में और तनाव का कारण बना।

पाकिस्तान का ‘अंगूर खट्टे हैं’ वाला बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इस नुकसान पर ‘अंगूर खट्टे हैं’ जैसा बयान दिया। मंत्रालय ने कहा, “हालांकि आर्थिक नुकसान हुआ है, लेकिन हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को प्राथमिकता दी जाती है, और एयरस्पेस बंद करने का अधिकार सरकार के पास है।” पाकिस्तान ने यह बयान देकर अपने फैसले को औचित्यपूर्ण ठहराने की कोशिश की।

पाकिस्तान के एयरपोर्ट्स राजस्व में मामूली वृद्धि

इस नुकसान के बावजूद, पाकिस्तान के एयरपोर्ट्स अथॉरिटी का कुल राजस्व 2019 में 5,08,000 डॉलर से बढ़कर 2025 में 7,60,000 डॉलर हो गया है, जो कि लगभग 7% सालाना वृद्धि दिखाता है। हालांकि यह वृद्धि पर्याप्त नहीं मानी जा रही है, क्योंकि यह उम्मीदों के मुताबिक प्रगति नहीं दिखाता।

पाकिस्तान का पिछला नुकसान

वर्ष 2019 में भी, सीमा तनाव के कारण पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया था, जिससे उसे 54 मिलियन डॉलर (करीब 410 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ था।

वर्तमान स्थिति

पाकिस्तान का एयरस्पेस अभी भी भारतीय विमानों के लिए बंद है और अगस्त के आखिरी सप्ताह तक यह बंद रहेगा। भारत ने भी अपने एयरस्पेस को पाकिस्तानी विमानों के लिए बंद कर रखा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले ही कह दिया है कि जब संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा की बात होती है, तो कोई भी आर्थिक कीमत बहुत बड़ी नहीं होती।

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