Operation Sindoor IAF strike:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय वायुसेना (IAF) ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के 9 ठिकानों को निशाना बनाया था। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी ढेर हो गए थे और संगठन का मुख्यालय ‘मरकज तैयबा’ पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था। यह कार्रवाई पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी।
Operation Sindoor IAF strike: मुरीदके मुख्यालय का पुनर्निर्माण जारी
सूत्रों के मुताबिक, लाहौर के पास मुरीदके स्थित मरकज तैयबा मुख्यालय को गिराने का काम 18 अगस्त से शुरू किया गया था। अब इस जगह पर नए ढांचे का निर्माण तेजी से चल रहा है। पुनर्निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मरकज तैयबा के निदेशक मौलाना अबू जर और संगठन के मुख्य प्रशिक्षक यूनुस शाह बुखारी उर्फ उस्ताद उल मुजाहिदीन संभाल रहे हैं। योजना के अनुसार, 5 फरवरी 2026 तक यह मुख्यालय पूरी तरह खड़ा कर दिया जाएगा। यह तारीख अहम इसलिए है क्योंकि लश्कर हर साल 5 फरवरी को ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ मनाता है।
Operation Sindoor IAF strike: पाकिस्तान सरकार से मिली फंडिंग
खुलासे में यह बात भी सामने आई है कि पाकिस्तान सरकार ने इस पुनर्निर्माण कार्य के लिए लश्कर को शुरुआती तौर पर 4 करोड़ पाकिस्तानी रुपये उपलब्ध कराए हैं। संगठन का आकलन है कि पुराने ढांचे जैसी ट्रेनिंग और आवासीय सुविधाओं वाले मुख्यालय को दोबारा बनाने में 15 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आएगा।
बाढ़ पीड़ितों की आड़ में जुटाया जा रहा चंदालश्कर-ए-तैयबा ने फंड जुटाने के लिए नया तरीका अपनाया है। संगठन राहत और मानवीय सहायता के नाम पर बाढ़ पीड़ितों की मदद का दावा कर रहा है और इसके जरिए देश-विदेश से चंदा इकट्ठा कर रहा है। आतंकी राहतकर्मी बनकर ऑफलाइन और ऑनलाइन अभियान चला रहे हैं। वे लोगों को सामान बांटते हुए तस्वीरें खिंचवाते हैं और उसी समय दान भी मांगते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस चंदे का इस्तेमाल मरकज तैयबा के पुनर्निर्माण के लिए किया जा रहा है।
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