Health Tips:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति को किडनी से जुड़ी बीमारी का खतरा बना रहता है। किडनी फेल होना एक गंभीर और जानलेवा समस्या है, जो अक्सर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने से और विकराल हो जाती है। किडनी शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो खून को फिल्टर करता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है और हड्डियों को स्वस्थ रखने वाले हार्मोन बनाता है। लेकिन जब किडनी अपनी क्षमता खो देती है, तो शरीर में विषाक्त पदार्थ और अतिरिक्त पानी जमा होने लगते हैं, जिससे किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थिति पैदा होती है।
किडनी फेल होने के प्रमुख लक्षण:
पैरों और टखनों में दर्द व सूजन:
किडनी सही से काम न करने पर शरीर में अतिरिक्त पानी और सोडियम जमा हो जाते हैं, जिससे पैरों और टखनों में सूजन और दर्द होता है।
लगातार थकान और कमजोरी:
खराब किडनी एरीथ्रोपोइटिन हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती, जिससे एनीमिया होता है और शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है।
त्वचा में खुजली और रंग परिवर्तन:
विषाक्त पदार्थ जमा होने के कारण त्वचा में खुजली होती है और रंग पीला या भूरा हो सकता है।
पेशाब में बदलाव:
बार-बार पेशाब आना, पेशाब की मात्रा में वृद्धि या कमी, पेशाब में झाग आना या खून दिखना किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है।
सांस लेने में कठिनाई:
शरीर में जमा अतिरिक्त तरल फेफड़ों के आसपास जमा हो सकता है, जिससे सांस फूलने जैसी समस्या होती है।
विशेषज्ञ सलाह:
किडनी फेलियर के ये लक्षण अक्सर सामान्य कमजोरी और थकान से मिलते-जुलते होते हैं, इसलिए इन्हें गंभीरता से लेना जरूरी है। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ताकि समय रहते इलाज किया जा सके।
यह जानकारी मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है।
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