ओशो
एक साधारण सी वेशभुषा वाले भारतीय ने अमेरिका में रजनीशपुरम की स्थापना कर दी। वह भी 64 हजार एकड़ जमीन पर, जहां कि आम आदमी के लिए मुट्ठीभर जमीन खरीदना मुश्किल है।
इस भारतीय का जलवा ऐसा था कि सूटेड-बूटेड अमेरिकी भी टाई कोट छोड़ कर गेरुआ वस्त्रों में आ गए और बुद्ध-नानक का गुणगान करने लगे।
इस मनीषी का नाम है ओशो, जिन्हें आचार्य रजनीश या भगवान रजनीश के नाम से भी जाना जाता है।
उनका प्रवचन सुनने दूर-दूर से लोग आते थे। उनकी प्रतिदिन होनेवाली सभाओं में देशी-विदेशी सेलिब्रिटिज की भीड़ लगती थी।
आचार्य रजनीश ने ढेरों किताबें लिखी, जो आज भी चाव से पढ़ी जाती हैं। पर ओशो जितना लिखते थे, उससे ज्यादा पढ़ते थे।
कम ही लोगों को पता होगा कि ओशो ने डेढ़ लाख से ज्यादा किताबें पढ़ डाली थीं। जब भी वो अकेले होते थे, पढ़ते ही रहते थे।
पढ़ना, लिखना और प्रवचन सुनाना यही उनके तीन शगल थे। आज हम ओशो के पढ़ने की शौक पर ही बात करेंगे।
जानेंगे कि ओशो क्या पढ़ते थे और कौन-कौन सी किताबें उन्हें पसंद थीं। ओशो ने अपनी पसंदीदा किताबों में किन चुनिंदा किताबों को शामिल किया था।
ओशो की लाइब्रेरीः
दरअसल, ओशो ने बुद्धत्व को प्राप्त होने से पहले दुनियाभर के ज्ञानियों के लेख को खंगाला, उसे पढ़कर सोचा-समझा और फिर जो अच्छा लगा, उसे जहन में बिठा लिया और जो व्यर्थ लगा, उसे भुला दिया।
बताया जाता है कि उन्होंने अपने जीवन में करीब डेढ़ लाख किताबें पढ़ी थीं। उन्होंने अपनी एक लाइब्रेरी भी बनाई थी, जिसका नाम ‘लाओत्सु पुस्तकालय’ है।
ओशो ने अपनी मृत्यु से पहले कहा था कि इस पुस्तकालय की सभी किताबों को तालों में बंद कर दिया जाए। ये आम लोगों के लिए नहीं हैं।
ये उन्हीं के लिए हैं, जो तमाम विषयों पर शोध कर रहे हैं। उन्हें भी एक बार में अधिकतम तीन किताबें ही मिल सकती हैं।
इस पर बनी एक डॉक्युमेंट्री में ओशो दावा करते हैं कि उन्होंने इस लाइब्रेरी की हर किताब पढ़ी है।
इनमें 3,500 किताबें ऐसी हैं, जिन्हें पढ़ने के बाद ओशो ने उन पर साइन किए हैं और एक रंगीन पेंटिंग बनाई है।
ओशो अपने अध्ययन वाली किताबों में उपनिषदों से शुरू होते हैं और कॉलिन विल्सन की ‘द आउटसाइडर’ पर आकर रुकते हैं।
उनकी प्रिय किताबों में मिखाइल नाइमे की ‘द बुक ऑफ मिरदाद’, जिद्दू कृष्णामूर्ति की ‘द फर्स्ट एंड लास्ट फ्रीडम’, लाओत्सु की ताओ ती चिंग, उमर खय्याम की ‘रुबाईयत’, मेबल कोलन्स की ‘लाइट ऑफ द पाथ’आदि हैं।
ओशो ने प्लेटो, नीत्शे, फ्रायड, अरस्तू, दोस्तोयेव्स्की, फ्रेडरिक, सुकरात, शोपेनहावर, कबीर, गुरु नानक, गौतम बुद्ध, महावीर स्वामी सबको पढ़ा है।
ओशो ने अपनी पढ़ी किताबों पर एक किताब ही लिख दी, जिसका नाम है ‘बुक्स आई हैव लव्ड’।
इसे उन्होंने खुद नहीं लिखा था, बल्कि बोलकर अपने उस डेंटिस्ट से लिखवाया था, जिसके पास उनका इलाज चल रहा था।
इसमें ओशो ने ऐसी 160 मस्ट रीड किताबों का जिक्र किया है, जिसने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया।
एक-एक किताब के बारे में डिटेल में लिखा है। एक और खास बात, ओशो ने सबका लिखा पढ़ा, लेकिन खुद कभी एक शब्द भी अपने हाथ से नहीं लिखा।
अपना सारा ज्ञान उन्होंने रिकॉर्ड करवाया। आप ओशो की जितनी भी किताबें देखते हैं, वे सब रिकॉर्डेड ऑडियो के आधार पर लिखी गई हैं।
डेढ़ लाख हिंदी की सिर्फ एक किताब पढ़ी ओशो नेः
सबसे दिलचस्प बात है कि ओशो भारतीय थे। हिंदी उनकी भाषा थी। बावजूद इसके ओशो ने जिन डेढ़ लाख किताबों को पढ़ा, उनमें से हिंदी में लिखी सिर्फ एक किताब शामिल है और वह है सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय की ‘नदी के द्वीप।’
भले ही उन्होंने हिंदी की एक किताब चुनी हो, लेकिन इसकी तारीफ के इतने पुल बांध दिए हैं कि इसे टॉलस्टाय और चेखव के उपन्यासों से बेहतर बताया।
ओशो ने ‘नदी के द्वीप’ के बारे में जो कहा, वह इस तरह है ‘इस हिंदी उपन्यास का अब तक अंग्रेजी में अनुवाद नहीं हुआ है। यह अजीब है कि मेरे जैसा आदमी इसका जिक्र कर रहा है।
इसका हिंदी टाइटल नदी के द्वीप है। यह अंग्रेजी में ‘आईलैंड्स ऑफ अ रिवर बाय सच्चिदानंद हीरानंद’ नाम से हो सकता है।
यह किताब उनके लिए है, जो ध्यान करना चाहते हैं। यह योगियों की किताब है। इसकी तुलना न तो टॉलस्टाय के किसी उपन्यास से हो सकती है और न ही चेखव के।
इसका दुर्भाग्य यही है कि इसे हिंदी में लिखा गया है। यह इतनी बेहतरीन है कि इसके बारे में कुछ कहने से अधिक इसे पढ़कर इसका आनंद लेना उचित होगा।
ओशो के ये वाक्य बताते हैं कि कितनी गहराई से वह पुस्तकों का अध्ययन करते थे। तभी तो वह इतनी गहराई में जाकर किसी पुस्तक के बारे में बात कर सकते थे।
इसी पुस्तक के बारे में रजनीश ने कहा था कि आप सोच रहे होंगे कि आखिर इस किताब में ऐसा है क्या?
इतनी तारीफ करने के बाद यह सवाल जायज है। दरअसल, उपन्यास में चार मुख्य किरदार हैं भुवन, रेखा, चंद्र माधव और गौरा।
ये सभी अपनी अधूरी इच्छाएं लिए भटकते रहते हैं। इसका मजमून यह भी है कि प्रेम में एक-दूसरे से अलग रहकर अपने रिलेशन के मायने ज्यादा ठीक ढंग से समझ सकते हैं। फिजिकली अनटच्ड रिलेशन ज्यादा खूबसूरत होता है।
अब बात करते है प्रिय उन पुस्तकों की जिनका जिक्र खुद ओशो ने किया है। वैसे तो कई पुस्तकें हैं जो ओशो की प्रिय रही हैं, जैसे- लाइट ऑन का पाथ, कुरान- ए – शरीफ इत्यादि।
इसी के साथ ओशो की एक और प्रिय पुस्तक थी जिसका नाम है लिसन-लिटिल – मैन।
ओशो की प्रिय पुस्तकों की सूचीः
- फ्रेडरिक नीत्शे द्वारा स्पेक जरथुस्त्र
- फ्योडोर दोस्तोवस्की द्वारा ब्रदर्स करमाज़ोव
- मिख़ाइल नैमी द्वारा मिरदाद की पुस्तक
- रिचर्ड बाख द्वारा जोनाथन लिविंगस्टन सीगल
- लाओ त्ज़ु द्वारा ताओ ते चिंग
- चुआंग त्ज़ु के दृष्टान्त
- पर्वत पर उपदेश
- कृष्ण द्वारा भगवद-गीता
- रवीन्द्रनाथ टैगोर की गीतांजलि
- मिलारेपा के एक लाख गाने
- सूफियों की किताब
- खलील जिब्रान द्वारा पैगंबर
- लिह त्ज़ु की किताब
- प्लेटो द्वारा सुकरात पर संवाद
- बोधिधर्म के शिष्यों के नोट्स
- उमर खय्याम द्वारा रुबैयत
- जलालुद्दीन रूमी द्वारा मसनवी
- ईसा उपनिषद
- जॉर्ज गुरजिएफ द्वारा ऑल एंड एवरीथिंग
- पीडी ऑस्पेंस्की द्वारा चमत्कारी की खोज में
- वॉल्ट व्हिटमैन द्वारा घास की पत्तियां
- सोसन द्वारा सीन सीन मिंग
- पीडी ऑस्पेंस्की द्वारा टर्शियम ऑर्गनम
- जयदेव द्वारा गीत गोविंदा
- कुन्दकुन्द द्वारा समयसार
- जे. कृष्णमूर्ति द्वारा द फर्स्ट एंड द लास्ट फ्रीडम
- हुआंग पो की पुस्तक/शिक्षाएँ
- हुई हाय की किताब
- सुलैमान का गीत
- हेराक्लिटस द्वारा टुकड़े
- पाइथागोरस द्वारा गोल्डन वर्सेज़
- साराहा का रॉयल गाना
- तिलोपा का महामुद्रा का गीत
- डीटी सुजुकी द्वारा ज़ेन और जापानी संस्कृति
- ह्यूबर्ट बेनोइट द्वारा लेट गो
- रामकृष्ण के दृष्टांत
- ईसप की दंतकथाएँ
- नागार्जुन द्वारा मूल मध्यमिका कारिका
- मारपा की किताब
- बादरायण द्वारा रचित ब्रह्म सूत्र
- नारद द्वारा भक्ति सूत्र
- पतंजलि द्वारा योग सूत्र
- कबीर के गीत
- मैडम ब्लावात्स्की द्वारा गुप्त सिद्धांत
- मीरा के गीत
- सहजो के गीत
- रबिया-अल-अदबिया की किताब
- नानक के गीत
- शंकराचार्य द्वारा विवेक चूड़ामणि
- कुरान-हजरत मोहम्मद
- धम्मपद – बुद्ध
- जैन सूत्र – महावीर
- निकोस कज़ान्टज़ाकिस द्वारा ज़ोरबा द ग्रीक
- अल-हिल्लाज मंसूर की घोषणाएँ
- महाकाश्यप के टुकड़े
- हरमन हेस्से द्वारा सिद्धार्थ
- बाल शेम तोव की कहानियाँ
- फरीद के गीत
- विज्ञान भैरव तंत्र – शिव
- उमा स्वाति द्वारा तत्व सूत्र
- नरोपा के गीत
- मलूकदास की कविता
- गुरु ग्रंथ साहिब (सिखों की पुस्तक)
- माबेल कोलिन्स द्वारा द लाइट ऑन द पाथ
- लल्ला के गाने
- गोरख-नाथ के वचन
- ह्यूबर्ट बेनोइट द्वारा सर्वोच्च सिद्धांत
- शिव सूत्र
- गौरांग का संदेश
- दादू के गीत
- सरमद के बयान
- फ्रेडरिक नीत्शे द्वारा शक्ति की इच्छा
- पीडी ऑस्पेंस्की द्वारा ब्रह्मांड का एक नया मॉडल
- सनाई के बयान
- डायोनिसियस के टुकड़े
- जिद्धू कृष्णमूर्ति द्वारा मास्टर के चरणों में
- जुन्नैद के टुकड़े
- भगवान बोलता है मेहर बाबा द्वारा
- जॉर्ज बर्नार्ड शॉ द्वारा मैक्सिम्स फॉर ए रिवोल्यूशनरी
- हुई नेंग की शिक्षाएँ
- मुल्ला नसरुद्दीन के चुटकुले
- हास द्वारा मन की नियति
- एकहार्ट की बातें
- बोहमे की बातें
- इदरीस शाह द्वारा सूफी
- एलन वॉट्स द्वारा द वे ऑफ़ ज़ेन
- लिन ची द्वारा रिनज़ाई की बातें
- हज़रत इनायत खान के व्याख्यान
- हज़रत अली खान की सभी पुस्तकें
- यीशु, मनुष्य का पुत्र खलील जिब्रान द्वारा
- खलील जिब्रान द्वारा द मैडमैन
- जीन पॉल सार्त्र द्वारा बीइंग एंड नथिंगनेस
- मार्टिन हाइडेगर द्वारा टाइम एंड बीइंग
- लुडविग विट्गेन्स्टाइन द्वारा ट्रैक्टैटस लॉजिको फिलिसोफिकस
- विमलकीर्ति द्वारा निर्देश सूत्र
- जीवन पर टिप्पणियाँ जे. कृष्णमूर्ति द्वारा
- मौरिस निकोल द्वारा टिप्पणियाँ
- हार्टमैन द्वारा गुरजिएफ के साथ हमारा जीवन
- रामानुज द्वारा श्री पाशा
- पीडी ऑस्पेंस्की द्वारा मनुष्य का भविष्य मनोविज्ञान
- बहाउद्दीन की किताब
- कॉलिन विल्सन द्वारा द आउटसाइडर
- कन्फ्यूशियस द्वारा एनालेक्ट्स
- खलील जिब्रान द्वारा पैगंबर का बगीचा
- ख़लील जिब्रान द्वारा द वॉइस ऑफ़ द मास्टर
- महर्षि रमण द्वारा मैं कौन हूं?
- मूरहेड और राधाकृष्णन द्वारा द माइंड ऑफ इंडिया
- लुईस कैरोल द्वारा एलिस इन वंडरलैंड
- लुईस कैरोल द्वारा एलिस थ्रू द लुकिंग ग्लास
- खलील जिब्रान द्वारा द वांडरर
- खलील जिब्रान द्वारा आध्यात्मिक बातें
- सैमुअल बेकेट द्वारा वेटिंग फॉर गोडोट
- मार्टिन बुबेर द्वारा लिखित टेल्स ऑफ़ हसिडिज़्म
- मार्टिन बुबेर द्वारा मैं और तू
- कार्ल मार्क्स द्वारा दास कैपिटल
- सिगमंड फ्रायड द्वारा मनोविश्लेषण पर व्याख्यान
- गुरजिएफ द्वारा उल्लेखनीय पुरुषों के साथ बैठकें
- कबीर के एक शिष्य द्वारा लिखित ग्रंथ
- कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स द्वारा कम्युनिस्ट घोषणापत्र
- मार्सेल द्वारा सिसिफस का मिथक
- बर्ट्रेंड रसेल द्वारा पश्चिमी दर्शन का इतिहास
- दया बाई के गाने
- इरविंग स्टोन द्वारा जीवन की लालसा
- इरविंग स्टोन द्वारा द एगोनी एंड द एक्स्टसी
- लियो टॉल्स्टॉय द्वारा पुनरुत्थान
- थॉमस द्वारा यीशु पर नोट्स
- लियो टॉल्स्टॉय द्वारा युद्ध और शांति
- मैक्सिम गोर्की द्वारा माँ
- तुर्गनेव द्वारा पिता और संस
- डीएच लॉरेंस द्वारा फीनिक्स
- डीएच लॉरेंस द्वारा मनोविश्लेषण और अचेतन
- अर्नोल्ड द्वारा लाइट ऑफ एशिया
- कबीर द्वारा बीजक
- हर्बर्ट मार्क्युज़ द्वारा वन डायमेंशनल मैन
- द आई चिंग
- नदी के द्वीप (नदी के द्वीप) सच्चिदानंद वात्स्यायन द्वारा
- लिन युतांग द्वारा जीवन जीने की कला
- लिन युतांग द्वारा चीन की बुद्धि
- तल्मूड
- तरण तरण द्वारा शून्य स्वभाव
- तरण तरण द्वारा सिद्धि स्वभाव
- फ़्योदोर दोस्तोवस्की द्वारा नोट्स फ्रॉम द अंडरग्राउंड
- लुडविग विट्गेन्स्टाइन द्वारा दार्शनिक जांच
- असागियोली द्वारा मनोसंश्लेषण
- खलील जिब्रान की गद्य कविताएँ
- खलील जिब्रान द्वारा विचार और ध्यान
- सत्य के साथ मेरे प्रयोग, महात्मा गांधी द्वारा लिखित
- सेंट ऑगस्टीन द्वारा स्वीकारोक्ति
- लियो टॉल्स्टॉय द्वारा अन्ना कैरेनिना
- अजीत मुखर्जी द्वारा तंत्र की कला
- अजीत मुखर्जी द्वारा तंत्र पेंटिंग
- आदि शंकराचार्य द्वारा भज गोविंदम मूढ़ मते
- लुडविग विट्गेन्स्टाइन द्वारा दार्शनिक पत्र
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- विल्हेम रीच द्वारा लिटिल मैन सुनें
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- अरस्तू की कविताएँ
- रॉस द्वारा ज़ेन के तीन स्तंभ
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- रहीम के गीत रहीम खान खाना द्वारा)
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