Not just style:
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने देशभर में दोपहिया चालकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए घटिया और अवैध हेलमेट निर्माण व बिक्री पर शिकंजा कस दिया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि केवल BIS-प्रमाणित हेलमेट ही बाजार में बिकने चाहिए। इसके तहत बिना ISI मार्क वाले हेलमेट बनाना, बेचना या उपयोग करना कानूनन जुर्म होगा। सरकार का कहना है कि भारत की सड़कों पर 21 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन हैं और घटिया हेलमेट से हर साल हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ती है।
Not just style:विभाग ने बताया
विभाग ने बताया कि 2021 से लागू गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के तहत, BIS प्रमाणन वाले हेलमेट ही वैध माने जाते हैं। जून 2025 तक देश में केवल 176 हेलमेट निर्माता हैं जिनके पास वैध लाइसेंस है। सड़क किनारे बिकने वाले हेलमेट अक्सर इस प्रमाणन से रहित होते हैं और दुर्घटनाओं में मौतों का बड़ा कारण बनते हैं।
Not just style:500 से अधिक हेलमेट के नमूनों की हुई जांच
सरकार ने हाल ही में सख्त कदम उठाते हुए पिछले वित्त वर्ष में 500 से अधिक हेलमेट के नमूनों की जांच कराई, जिसमें कई फर्जी BIS मार्क वाले मिले। दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में 30 से ज्यादा छापेमारी अभियान चलाए गए, जिसमें 2,500 से अधिक अवैध हेलमेट जब्त किए गए और कई कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए गए। साथ ही, सड़क किनारे 500 से ज्यादा घटिया हेलमेट जब्त किए गए।
Not just style:BIS को दिए गए निर्देश
BIS को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर लगातार छापेमारी और निगरानी करें, ताकि घटिया हेलमेट की बिक्री पर पूरी तरह रोक लग सके और सवारों की जान बचाई जा सके।
इसे भी पढ़ें
अब हर दोपहिया वाहन के साथ मिलेंगे दो हेलमेट, नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान
