New rules: 1 सितंबर से लागू हुए नए नियम: एलपीजी, एटीएम चार्ज और एफडी ब्याज दरों में बड़े बदलाव

3 Min Read

New rules:

नई दिल्ली, एजेंसियां। आज यानी 1 सितंबर 2025 से कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव हुए हैं, जो सीधे आम उपभोक्ताओं के खर्चों और वित्तीय व्यवहार को प्रभावित करेंगे। इन नियमों में एलपीजी की कीमतों से लेकर बैंकिंग सेवाओं तक कई बदलाव शामिल हैं।

एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव:

तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें घोषित करती हैं। इस बार भी कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों के आधार पर एलपीजी की कीमतों में बदलाव किया गया है, जिसका असर आपके घरेलू बजट पर पड़ेगा।

एटीएम उपयोग के नए नियम:

कुछ प्रमुख बैंकों ने एटीएम से पैसे निकालने पर नए नियम लागू किए हैं। अब यदि कोई ग्राहक निर्धारित मासिक लिमिट से अधिक राशि निकालता है, तो उसे उच्च लेनदेन शुल्क देना पड़ सकता है। यह बदलाव एटीएम सेवा का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए है।

फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) ब्याज दरों में संभावित कमी:

अधिकांश बैंक इस महीने अपनी एफडी ब्याज दरों की समीक्षा कर रहे हैं। वर्तमान में एफडी पर 6.5% से 7.5% के बीच ब्याज दरें हैं, लेकिन इसमें कमी हो सकती है जिससे सावधि जमा पर मिलने वाला रिटर्न कम हो सकता है।

चांदी पर अनिवार्य हॉलमार्किंग:

सरकार ने चांदी के लिए अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य चांदी के बाजार में शुद्धता और मूल्य निर्धारण की पारदर्शिता बढ़ाना है। इससे ग्राहकों को विश्वास मिलेगा, लेकिन कीमतों में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

एसबीआई कार्डधारकों के लिए नए शुल्क:

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने क्रेडिट कार्ड्स पर नई शर्तें लागू की हैं। अब ऑटो-डेबिट फेल होने पर दो प्रतिशत तक जुर्माना लगेगा। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय लेनदेन, ईंधन खरीद और ऑनलाइन शॉपिंग पर भी अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।

क्या करें उपभोक्ता?

एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जानें और बजट बनाएं। बैंक से मासिक एटीएम निकासी सीमा और शुल्क संबंधी जानकारी प्राप्त करें। एफडी निवेश से पहले ब्याज दरों की समीक्षा करें। चांदी खरीदते समय हॉलमार्किंग को जरूर जांचें। एसबीआई कार्डधारकों को अपने कार्ड शर्तों का ध्यान रखें और आवश्यक बदलाव करें।

इसे भी पढ़ें

झारखंड सिपाही भर्ती 2023 का विज्ञापन होगा रद्द, अब नई नियमावली के तहत होगी नियुक्ति बहाली

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं