Earthquake in Nepal:
काठमांडू,एजेंसियां। नेपाल के पूर्वी हिस्से में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे वहां के लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल गए। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (National Seismological Monitoring and Research Center) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4 दर्ज की गई।
भूकंप का केंद्र
भूकंप का केंद्र रामेछाप जिले के वटैली क्षेत्र में था, जो राजधानी काठमांडू से लगभग 150 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। झटके अपराह्न 2 बजकर 14 मिनट पर महसूस किए गए। भूकंप के कारण स्थानीय लोगों में डर और बेचैनी फैल गई, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी तरह का गंभीर नुकसान या जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों के मुताबिक
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है और यहां हल्के झटके समय-समय पर आते रहते हैं। पिछले 17 अगस्त को भी इसी जिले में रिक्टर पैमाने पर चार की तीव्रता वाला भूकंप दर्ज किया गया था। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
रामेछाप जिले में भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। बाजार, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थल प्रभावित नहीं हुए, और लोग अपने घरों में वापस लौटने से पहले स्थिति की जानकारी लेने में व्यस्त रहे।
भूकंप के बाद
भूकंप के बाद स्थानीय अधिकारी और राहत एजेंसियां स्थिति की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
विशेषज्ञों का कहना
विशेषज्ञों का कहना है कि रिक्टर पैमाने पर 4 तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर हल्के नुकसान ही पहुंचाते हैं, लेकिन किसी भी अप्रत्याशित आपदा से निपटने के लिए सतर्क रहना आवश्यक है। नेपाल में भूकंप की यह घटना पिछले कुछ महीनों में दर्ज दूसरी हल्की हलचल है, जिससे नागरिकों में सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
GEN-Z आंदोलन के बाद नेपाल में भूकंप का असर
काठमांडू,एजेंसियां। नेपाल के पूर्वी हिस्से में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे वहां के लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल गए। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (National Seismological Monitoring and Research Center) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4 दर्ज की गई।
भूकंप का केंद्र
भूकंप का केंद्र रामेछाप जिले के वटैली क्षेत्र में था, जो राजधानी काठमांडू से लगभग 150 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। झटके अपराह्न 2 बजकर 14 मिनट पर महसूस किए गए। भूकंप के कारण स्थानीय लोगों में डर और बेचैनी फैल गई, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी तरह का गंभीर नुकसान या जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों के मुताबिक
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है और यहां हल्के झटके समय-समय पर आते रहते हैं। पिछले 17 अगस्त को भी इसी जिले में रिक्टर पैमाने पर चार की तीव्रता वाला भूकंप दर्ज किया गया था। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
रामेछाप जिले में भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। बाजार, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थल प्रभावित नहीं हुए, और लोग अपने घरों में वापस लौटने से पहले स्थिति की जानकारी लेने में व्यस्त रहे।
भूकंप के बाद
भूकंप के बाद स्थानीय अधिकारी और राहत एजेंसियां स्थिति की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
विशेषज्ञों का कहना
विशेषज्ञों का कहना है कि रिक्टर पैमाने पर 4 तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर हल्के नुकसान ही पहुंचाते हैं, लेकिन किसी भी अप्रत्याशित आपदा से निपटने के लिए सतर्क रहना आवश्यक है। नेपाल में भूकंप की यह घटना पिछले कुछ महीनों में दर्ज दूसरी हल्की हलचल है, जिससे नागरिकों में सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
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