Electricity department:
लखनऊ,एजेंसियां। उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले में ऊर्जा विभाग की लापरवाही और एक JE के अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है, जो अब राजनीतिक तूफान में बदल गया है।हरगांव विधानसभा क्षेत्र के कोरैया उदनापुर गांव में 15 दिनों से ट्रांसफॉर्मर खराब पड़ा था। लोगों ने मंत्री सुरेश राही से शिकायत की।
उन्होंने जूनियर इंजीनियर रमेश मिश्रा को फोन किया, लेकिन JE ने गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा: “खुद ट्रांसफॉर्मर उतरवा लो, जब मुझे समय मिलेगा, मैं आकर देख लूंगा।”इसके बाद मंत्री ने खुद आम ग्रामीणों के साथ मिलकर ट्रांसफॉर्मर उतारा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।
ऊर्जा मंत्री का कड़ा रुख
मामला तूल पकड़ते ही ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने UPPCL चेयरमैन और MVVNL की MD को तलब किया। उन्होंने JE रमेश मिश्रा को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया।ऊर्जा मंत्री ने एक्स (Twitter) पर लिखा:”राज्यमंत्री सुरेश राही के साथ विद्युत विभाग के JE का यह व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। JE रमेश मिश्रा को सस्पेंड कर दिया गया है।”उन्होंने आगे कहा:”अगर एक मंत्री की बात तक नहीं सुनी जा रही, तो यह बेहद गंभीर संकेत है। बार-बार विद्युत विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।”
प्रशासनिक सुस्ती पर उठे सवाल
मंत्री सुरेश राही का आरोप है कि उन्होंने MVVNL की MD रिया केजरीवाल को भी फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इससे ऊपरी प्रबंधन की उदासीनता भी उजागर हुई है।
वीडियो में क्या है?
वायरल वीडियो में मंत्री खुद ग्रामीणों के साथ मिलकर ट्रांसफॉर्मर को नीचे उतारते दिखते हैं। इस घटना ने न सिर्फ विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य की नौकरशाही की जवाबदेही पर भी बहस छेड़ दी है।
ऊर्जा विभाग पहले भी विवादों में
यह पहली बार नहीं है जब ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा ने विभाग पर नाराजगी जताई हो। वे पहले भी कह चुके हैं कि,“मैं चाहूं तो JE का ट्रांसफर भी नहीं करा सकता।”
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