Personal loan interest saving:
नई दिल्ली, एजेंसियां। पैसे की तंगी या भूल के कारण यदि पर्सनल लोन की एक भी EMI समय पर नहीं भरी जाती है, तो इसका असर सिर्फ तत्काल पेनल्टी तक सीमित नहीं रहता। बैंक या NBFC तुरंत इसकी जानकारी क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL) को भेज देते हैं। इससे आपका क्रेडिट स्कोर तेजी से गिर सकता है। क्रेडिट स्कोर गिरने पर भविष्य में नया लोन या क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल हो जाता है, और अगर मिलता भी है तो ब्याज दर अत्यधिक होती है।
मानसिक और वित्तीय बोझ
EMI मिस होने से केवल वित्तीय नुकसान ही नहीं, मानसिक तनाव भी बढ़ता है। बार-बार बैंक या रिकवरी एजेंट की कॉल्स के कारण नींद और मानसिक शांति प्रभावित होती है। लोग शर्मिंदगी और चिंता महसूस करने लगते हैं, भले ही लोन कोई जरूरी काम (जैसे इलाज या पढ़ाई) के लिए लिया गया हो।
अचानक खर्च और खराब योजना की समस्या
अधिकतर लोग तब फंसते हैं जब अचानक मेडिकल इमरजेंसी या अन्य अप्रत्याशित खर्च सामने आते हैं। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड का गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल और हाई-इंटरेस्ट लोन की सही समझ न होने से छोटी राशि भी बड़ा संकट बन सकती है।
बचाव के उपाय
सबसे पहला कदम है अपनी स्थिति को स्वीकार करना और तुरंत लेंडर से संपर्क करना। EMI रीस्ट्रक्चरिंग जैसे विकल्पों के लिए चर्चा करें, जिसमें लोन की अवधि बढ़ाकर EMI कम करना शामिल है। पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया लोन लेने से बचें, यह समस्या और बढ़ा सकता है।
बजट और वित्तीय प्रबंधन
अपने खर्चों पर कड़ाई लाएं। फालतू खर्च बंद करें और सबसे महंगे लोन को पहले चुकाने का प्रयास करें। यदि बजट योजना खुद नहीं बना पा रहे हैं, तो किसी फाइनेंशियल काउंसलर की मदद लें। हाई-इंटरेस्ट EMI से जल्दी छुटकारा पाने की कोशिश करें।
समय पर कदम उठाकर आप न केवल क्रेडिट स्कोर को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि वित्तीय और मानसिक तनाव से भी बच सकते हैं।
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