Jharkhand government action
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली स्थित झारखंड भवन में अवर सचिव और एक कर्मचारी के बीच हुई बदसलूकी की घटना ने प्रशासनिक हलकों में चिंता बढ़ा दी है। अवर सचिव गोपाल जी और फोर्थ ग्रेड कर्मचारी अवध के बीच हुई बहस अचानक इतना बढ़ गई कि मामला धक्का-मुक्की और गाली-गलौज तक पहुंच गया। इस घटना के बाद झारखंड सरकार और संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कर्मचारी अवध अपनी सेवा से जुड़ी किसी शिकायत के समाधान को लेकर नाराज था। इसी मुद्दे पर बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गया। विवाद बढ़ने से झारखंड भवन में कुछ समय के लिए असहज माहौल बन गया और कर्मचारियों तथा अधिकारियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई।घटना की सूचना मिलते ही झारखंड भवन प्रशासन, संबंधित विभाग और कैबिनेट स्तर पर मामले का संज्ञान लिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और कार्यसंस्कृति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अभद्रता या बदसलूकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार
विभागीय सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति की गलती सामने आती है, तो सेवा नियमों के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था मौजूद है और उन्हें उसी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखनी चाहिए। इस घटना के बाद झारखंड भवन में कार्यस्थल के अनुशासन और संवाद व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।







