मेहुल चोकसी की वापसी तय! अब ऑर्थर रोड जेल का कैदी बनेगा भगोड़ा मेहुल चोकसी

Anjali Kumari
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Mehul Choksi

नई दिल्ली, एजेंसियां। भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यर्पण को लेकर बड़ी कानूनी बाधा खत्म हो गई है। बेल्जियम की सर्वोच्च अदालत, कोर्ट ऑफ कैसेशन ने चोकसी की ओर से दायर सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए भारत को उसके एक्सट्रैडिशन की मंजूरी दे दी है। अदालत ने एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील के 17 अक्टूबर 2025 के फैसले को सही ठहराया और माना कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया बेल्जियम के घरेलू कानून और यूरोपीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप है।

फेयर ट्रायल और अपहरण के दावे खारिज

मेहुल चोकसी ने अदालत में फेयर ट्रायल के अधिकारों के उल्लंघन, एंटीगुआ से कथित अपहरण और भारत की जेलों में अमानवीय व्यवहार का खतरा होने जैसी दलीलें दी थीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अपील स्तर पर सभी दस्तावेजों और दलीलों पर समुचित विचार किया गया है और यूरोपियन कन्वेंशन ऑन ह्यूमन राइट्स के तहत चोकसी के अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ।

अदालत ने अपहरण के दावे को भी खारिज करते हुए कहा कि इंटरपोल CCF के फैसले का मूल्यांकन निचली अदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र में किया था और उसमें हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं है।

ऑर्थर रोड जेल में रखने का भरोसा

भारत में यातना या अमानवीय व्यवहार की आशंका पर कोर्ट ने भारत सरकार के आश्वासनों को स्वीकार किया। कोर्ट को बताया गया कि चोकसी को मुंबई की ऑर्थर रोड जेल के सुरक्षित बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा, जहां दो सेल और निजी सैनिटेशन की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही, वह न्यायिक हिरासत में रहेगा, जांच एजेंसियों के अधीन नहीं।

PNB घोटाले का मुख्य आरोपी

मेहुल चोकसी पर अपने भतीजे नीरव मोदी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक से करीब 2 अरब डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है। सीबीआई और ईडी ने उसके खिलाफ कई चार्जशीट दाखिल की हैं और भारत में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट लंबित हैं। अदालत के इस फैसले से चोकसी को भारत लाने की प्रक्रिया अब तेज होने की उम्मीद है।

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