PM Modi paid tribute: बंटवारे के दौरान मरने वालों को PM मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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PM Modi paid tribute:

नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में गुरुवार को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर PM नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने भारत के विभाजन के दौरान विस्थापन, हिंसा और पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस ऐतिहासिक त्रासदी को भारतीय इतिहास का ‘दुखद अध्याय’ बताया।

दुखद अध्याय- पीएम मोदीः

PM मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से लिखा, “भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मना रहा है। हमारे इतिहास के उस दुखद अध्याय के दौरान अनगिनत लोगों द्वारा झेले गए उथल-पुथल और दर्द को याद करते हुए यह उनके साहस का सम्मान करने का दिन है। अकल्पनीय क्षति का सामना करने और फिर भी नए सिरे से शुरुआत करने की ताकत पाने की उनकी क्षमता प्रेरणादायक है। यह दिन हमें सद्भाव के बंधन को मजबूत करने की स्थायी जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है।”

अमित शाह ने विभाजन को बताया कांग्रेस की ऐतिहासिक भूलः

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों के चलते देश का बंटवारा हुआ, जिससे भारत माता के गौरव को ठेस पहुंची। उन्होंने लिखा, “देश के विभाजन और उसकी त्रासदी के शिकार लोगों के दर्द को याद कर संवेदना व्यक्त करने का दिन है। इस दिन कांग्रेस ने देश को टुकड़ों में बांटकर मां भारती के स्वाभिमान को चोट पहुँचाई। विभाजन के कारण हिंसा, शोषण और अत्याचार हुए और करोड़ों लोगों ने विस्थापन झेला। मैं उन सभी लोगों के प्रति मन की गहराई से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। देश विभाजन के इस इतिहास और दर्द को कभी भुला नहीं सकेगा। विभाजन की इस विभीषिका में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा– “यह घटना मानवता की सबसे बड़ी त्रासदीः”

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विभाजन को भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने लिखा, “14 अगस्त 1947 का दिन हमारे राष्ट्र के इतिहास में गहरी पीड़ा और अपार क्षति का प्रतीक है। इस दिन निजी स्वार्थ, सत्ता की लोलुपता और संकीर्ण मानसिकता ने देश की एकता को तोड़ने का अपराध किया था। यह मानव सभ्यता की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक थी, जिसमें अनगिनत लोग अपने प्रियजनों, अपने घर और अपनी मिट्टी से बिछड़ गए। यह घाव हमें हमेशा यह याद दिलाता रहेगा कि नफरत और वैमनस्य का अंजाम कितना विनाशकारी होता है। ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ हमें एकता, भाईचारे और करुणा को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा देता है। आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर मैं उन सभी अमर आत्माओं और विस्थापित परिवारों को नमन करता हूं, जिन्होंने इस त्रासदी का दर्द सहकर भी जीवन में आगे बढ़ने का साहस दिखाया।”

राजनाथ सिंह ने पीड़ितों को किया नमनः

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विभाजन के दौरान हिंसा और विस्थापन का सामना करने वाले लोगों को याद करते हुए लिखा, “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के उस दर्दनाक अध्याय को स्मरण करते हुए, मैं उन सभी भाइयों-बहनों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिन्हें भारत के विभाजन के बाद नफरत और हिंसा के भयावह परिणाम भुगतने पड़े और जन-धन की हानि देखनी पड़ी। उन पीड़ित परिवारों के प्रति आज भी हर भारतीय के भीतर एक संवेदना है। हम लोग देश में सामाजिक सौहार्द को और मज़बूत करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

एस. जयशंकर ने जताया दुखः

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस अवसर पर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। जयशंकर ने विभाजन के दूरगामी मानवीय और रणनीतिक प्रभावों की ओर इशारा करते हुए लिखा, “विभाजन के कारण अपार पीड़ा हुई और इसके दूरगामी मानवीय और रणनीतिक परिणाम हुए।”

जे. पी. नड्डा ने दी राष्ट्र-विरोधी ताकतों को चेतावनीः

भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने भी इस दिन को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया और लिखा, “1947 का काला दिन हमें उस क्रूर घटना की याद दिलाता है जब देशवासियों ने पलायन और अमानवीय यातनाओं को झेला। यह दिन राष्ट्रविरोधी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की प्रेरणा देता है।”

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