मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे बोले – चाहे जान चली जाए, आजाद मैदान नहीं छोड़ूंगा

Juli Gupta
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Maratha reservation movement:

मुंबई, एजेंसियां। मुंबई में मराठा आरक्षण आंदोलन का पांचवां दिन है। नेता मनोज जरांगे ने कहा है कि वे सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी मांगें पूरी होने तक वे आजाद मैदान नहीं छोड़ेंगे, चाहे उनकी जान चली जाए। 29 अगस्त से वे पिछड़ा वर्ग (OBC) में मराठा समुदाय के लिए 10% आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। सोमवार से वे पानी भी नहीं पी रहे हैं। मंगलवार को डॉक्टरों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया।

आजाद मैदान खाली करने का नोटिस

मुंबई पुलिस ने जरांगे और उनके समर्थकों को आजाद मैदान खाली करने का नोटिस दिया है। हाईकोर्ट ने भी आंदोलनकारियों को मुंबई के प्रमुख इलाकों से हटाने का आदेश दिया है और राज्य सरकार से कार्रवाई की रिपोर्ट मंगलवार तक मांगी है।

हैदराबाद गजेटियर लागू करने पर सहमति

सरकार ने हैदराबाद गजेटियर लागू करने पर सहमति दी है और आंदोलन से जुड़े कुछ मामलों की तेजी से जांच और वापस लेने का निर्देश भी दिया है। हालांकि, मराठा समुदाय को कुनबी के रूप में OBC में आरक्षण देने की मांग सरकार मानने को तैयार नहीं है, क्योंकि इससे अन्य पिछड़ी जातियों पर असर पड़ सकता है।

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