Yumnam Khemchand Singh: युमनाम खेमचंद सिंह बने मणिपुर के मुख्यमंत्री, 2 डिप्टी सीएम संग ली शपथ

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Yumnam Khemchand Singh

इंफाल, एजेंसियां। मणिपुर की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। राज्य में राष्ट्रपति शासन समाप्त होने के बाद राजग विधायक दल के नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजधानी स्थित लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर मंत्रिमंडल के गठन की भी शुरुआत हुई। भाजपा विधायक नेमचा किपगेन और नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के विधायक एल. डिखो ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। जबकि भाजपा के गोविंदास कोंथौजम और एनपीपी नेता के. लोकेन सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली।

राष्ट्रपति शासन के बहाल हुई लोकतांत्रिक व्यवस्था

इससे पहले बुधवार को ही मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया। राज्य में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था। हालांकि मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, लेकिन राष्ट्रपति शासन लागू होने के चलते विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था।

राष्ट्रपति शासन हटने के साथ ही राज्य में एक बार फिर निर्वाचित सरकार का रास्ता साफ हुआ और वाई. खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार का गठन संभव हो सका।

जातीय हिंसा के बाद गिरी थी पूर्व सरकार

पिछले साल 9 फरवरी को मैतई और कुकी समुदायों के बीच भड़की भीषण जातीय हिंसा ने मणिपुर को लंबे समय तक अस्थिर बनाए रखा। महीनों तक चली हिंसा में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। हालात को संभालने में विफल रहने के आरोपों के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

विपक्षी दलों ने भी लगातार सरकार पर हालात नियंत्रित न कर पाने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। इसके बाद केंद्र सरकार ने हालात को देखते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का फैसला किया था।

नई सरकार से शांति बहाली की उम्मीद

अब राष्ट्रपति शासन हटने और नई सरकार के गठन के बाद राज्य में शांति, स्थिरता और विकास की उम्मीद की जा रही है। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती जातीय तनाव को कम करना, भरोसे की बहाली और सामान्य जनजीवन को पटरी पर लाना होगा।

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