Aadhaar Update: बच्चों के आधार में MBU कराना अनिवार्य, नहीं कराया तो पढ़ाई और सरकारी योजनाओं में आ सकती है परेशानी

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Aadhaar Update

नई दिल्ली, एजेंसियां। बच्चों के आधार कार्ड को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देशभर के 83,000 स्कूलों में पढ़ने वाले एक करोड़ से अधिक बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। UIDAI का यह कदम बच्चों के आधार रिकॉर्ड को सही और अपडेट रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि भविष्य में उन्हें सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक सेवाओं का लाभ लेने में किसी तरह की दिक्कत न हो।

Mandatory Biometric Update अनिवार्य

दरअसल, पांच साल से कम उम्र के बच्चों का आधार बनाते समय केवल उनकी फोटो, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और जन्म प्रमाणपत्र दर्ज किया जाता है। इस उम्र में बच्चों के फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन नहीं लिए जाते, क्योंकि उनका बायोमेट्रिक पूरी तरह विकसित नहीं होता। इसी कारण जब बच्चे 5 साल और फिर 15 साल की उम्र पूरी करते हैं, तो आधार में फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन जोड़ना जरूरी हो जाता है। इसी प्रक्रिया को MBU यानी Mandatory Biometric Update कहा जाता है।

UIDAI ने स्पष्ट किया

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि यदि बच्चों का MBU समय पर नहीं कराया गया, तो उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, स्कूल-कॉलेज में दाखिले और NEET, JEE, CUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन के दौरान पहचान सत्यापन में परेशानी हो सकती है।

मुफ्त में करा सकते हैं MBU

UIDAI के अनुसार, 1 अक्टूबर से 7 से 15 साल तक की उम्र वाले बच्चों के लिए MBU बिल्कुल मुफ्त कर दिया गया है और यह सुविधा एक साल तक उपलब्ध रहेगी। सितंबर 2025 में इसके लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया था, जिसमें शिक्षा विभाग की UDISE+ ऐप को जोड़ा गया। इससे स्कूलों में यह साफ पता चल सका कि किन बच्चों का MBU बाकी है और फिर स्कूलों में कैंप लगाकर उनका बायोमेट्रिक अपडेट पूरा कराया गया।

UIDAI के CEO भूवनेश कुमार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से इस अभियान में सहयोग की अपील की है। स्कूल कैंप के अलावा बच्चे देशभर में मौजूद किसी भी आधार नामांकन केंद्र या आधार सेवा केंद्र पर जाकर भी अपना MBU करवा सकते हैं।

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