Mamata Banerjee:
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संविधान दिवस के मौके पर रेड रोड पर आयोजित समारोह में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। ममता ने कहा कि SIR (Self-Identification Register) के पीछे असली मंशा NRC लागू करने की है, जिससे देश में नागरिकता को लेकर भ्रम और भय का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “क्या आज़ादी के 75 साल बाद भी हमें अपनी नागरिकता का सबूत देना होगा? यह बेहद शर्मनाक है।” ममता ने दावा किया कि CAA-SIR के कारण कई लोग मरने के कगार पर पहुंच गए हैं, जिनमें ज़्यादातर हिंदू समुदाय के लोग हैं।
SIR-NRC पर चिंता, लोकतंत्र बचाने का संकल्प:
ममता ने कहा कि धर्म और लोकतंत्र दोनों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने चेताया कि नागरिकता और वोटिंग अधिकारों पर सवाल उठकर देश की एकता को खतरे में डालने की कोशिश की जा रही है। “मैं आज यहां भारत के लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प लेती हूं। हम किसी भी कीमत पर नागरिक अधिकारों को खत्म नहीं होने देंगे।”उन्होंने डॉ. बी.आर. आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान देश के हर नागरिक के अधिकारों की सुरक्षा करता है, लेकिन आज सत्ता में बैठे लोग उन मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं।
BJP पर हमला:
ममता ने BJP पर आरोप लगाया कि CAA-SIR का इस्तेमाल विपक्षी राज्यों को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में लोगों के घर गिरा दिए गए, बंगाल में भी लोगों को धमकाया जा रहा है।उन्होंने चुनौती देते हुए कहा “चार करोड़ नोटिस भेजो, हम फिर भी लड़ेंगे।”ममता ने यह भी भविष्यवाणी की कि BJP 2029 तक सत्ता में नहीं रह पाएगी।
BLOs की मौतों पर चिंता:
ममता ने कहा कि SIR प्रक्रिया के चलते BLO को 48-48 घंटे तक इंतज़ार करना पड़ रहा है और कई की मौतें हो चुकी हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि BJP की गाइडलाइंस नहीं, हम संविधान की गाइडलाइंस मानेंगे।कुल मिलाकर, ममता का संबोधन CAA-SIR, NRC और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सियासी चेतावनी बनकर उभरा।



