Mallikarjun Kharge big statement:
नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी निजी राय में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस की विचारधारा से जुड़ी हैं। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरदार पटेल की जयंती पर कांग्रेस पर किए गए हमलों का जवाब देते हुए कहा कि खुद सरदार पटेल ने महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस की आलोचना की थी।
कांग्रेस प्रमुख ने एक पत्र का भी हवाला दिया
कांग्रेस प्रमुख ने एक पत्र का भी हवाला दिया, जो सरदार पटेल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखा था। इसमें पटेल ने कहा था कि आरएसएस ने ऐसा माहौल बनाया, जिससे महात्मा गांधी की हत्या जैसी त्रासदी संभव हुई। खरगे ने कहा कि भाजपा बार-बार यह दिखाने की कोशिश करती है कि नेहरू और पटेल के बीच मतभेद थे, जबकि वास्तविकता यह है कि दोनों एक-दूसरे का बेहद सम्मान करते थे।
खरगे ने कहा
खरगे ने कहा कि आज देश ‘लौह पुरुष’ सरदार पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि मना रहा है। दोनों नेताओं एक ‘आयरन मैन’ और एक ‘आयरन लेडी’ ने भारत की एकता को मजबूत किया।यह बयान तब आया है जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि सरदार पटेल जम्मू-कश्मीर को भारत में शामिल करना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू ने ऐसा नहीं होने दिया। मोदी ने कांग्रेस पर “गुलामी की मानसिकता” को बनाए रखने का आरोप लगाया था।
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 1875 में गुजरात के नाडियाड में हुआ था। उन्हें भारत के लौह पुरुष के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने देश के एकीकरण में अहम भूमिका निभाई थी।
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