Make in India: मेक इन इंडिया को मिलेगा नया पंख, तेजस पर होगा कावेरी इंजन का ट्रायल

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नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत की रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया जाने वाला है। DRDO सूत्रों के अनुसार, स्वदेशी कावेरी इंजन को जल्द ही हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस पर परीक्षण किया जाएगा। यह पहली बार होगा जब भारत द्वारा खुद विकसित इंजन किसी एयरक्राफ्ट पर टेस्ट होगा।इस प्रोजेक्ट में DRDO, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारतीय वायुसेना (IAF) और निजी उद्योग मिलकर काम करेंगे। HAL तेजस में इंजन फिट करेगा जबकि वायुसेना अपने अनुभव से तकनीकी जरूरतों का मार्गदर्शन देगी।

Make in India: F404 और F414:

फिलहाल तेजस में अमेरिका के जनरल इलेक्ट्रिक F404 और F414 इंजन लगे हैं। अगर कावेरी इंजन का परीक्षण सफल रहा तो भारत विदेशी इंजनों पर निर्भरता से मुक्त हो जाएगा। यह कदम “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” मिशन को नई मजबूती देगा।

Make in India: कैसे होगी टेस्टिंग?

पहले चरण में कावेरी इंजन की टेस्ट फ्लाइट्स कम जोखिम वाली होंगी। इंजन की स्थिरता, थ्रस्ट और विमान के सिस्टम्स के साथ तालमेल की जांच होगी।अगर सबकुछ सफल रहा तो आने वाले 2–3 साल में यह इंजन ऑपरेशनल प्रमाणन पा सकता है।

Make in India: भविष्य की तैयारी:

कावेरी इंजन का डिज़ाइन आधुनिक तकनीक और डिजिटल कंट्रोल सिस्टम पर आधारित है। इसका इस्तेमाल भविष्य में न केवल तेजस, बल्कि ड्रोन, हेलीकॉप्टर और नेक्स्ट जेनरेशन फाइटर जेट्स में भी किया जा सकेगा।

Make in India: कावेरी इंजन का सफर:

1989 में DRDO की गैस टरबाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (GTRE), बेंगलुरु ने इसे शुरू किया था। मूल रूप से इसका लक्ष्य तेजस को स्वदेशी इंजन देना था, लेकिन तकनीकी चुनौतियों और अपेक्षित थ्रस्ट न मिलने से इसे तेजस से अलग करना पड़ा। अब करीब 35 साल बाद, इसे फिर से तेजस पर टेस्ट करने की तैयारी है।

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