Major Reshuffle in PMO: PMO में बड़ा फेरबदल: हिरेन जोशी और नवनीत सहगल का इस्तीफा

3 Min Read

Major Reshuffle in PMO:

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री कार्यालय में कम्युनिकेशंस और आईटी संभालने वाले हिरेन जोशी और प्रसार भारती के अध्यक्ष नवनीत सहगल के इस्तीफे ने सियासी हलचल तेज कर दी है। 20 वर्षों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल रहे हिरेन जोशी हाल के दिनों में चर्चाओं से गायब थे। अब उनके कार्यक्षेत्र की जिम्मेदारियाँ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को सौंप दी गई हैं। इससे पहले लॉ कमीशन के सदस्य और जोशी के करीबी माने जाने वाले हितेश जैन से भी इस्तीफा लिया जा चुका है।

हिरेन जोशी पर विपक्ष की ओर से आरोप लगाए गए थे कि वे पीएमओ की भूमिका में रहते हुए निजी व्यवसाय से जुड़े थे। एक दुबई-आधारित बेटिंग ऐप में कथित हिस्सेदारी, तिहाड़ जेल से जुड़े एक कारोबारी के साथ संबंध और विदेशी दौरों में संदिग्ध बैठकों में भाग लेने के आरोपों ने विवाद को और बढ़ाया है।

यह वही बेटिंग ऐप है जिसने हाल के वर्षों में करीब 50,000 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया। जांच में खुलासा हुआ कि इस नेटवर्क ने कई राज्यों के नेताओं, पुलिस अधिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों तक हवाला के माध्यम से धन पहुंचाया । यहां तक कि बॉलीवुड सितारों के समारोह भी स्पॉन्सर किए गए। अब इसकी जांच की आंच दिल्ली तक पहुंच चुकी है।

नवनीत सहगल का इस्तीफा

इसी क्रम में नवनीत सहगल का इस्तीफा और भी सवाल खड़े करता है। सहगल, जो मीडिया मैनेजमेंट के विशेषज्ञ और कई राजनैतिक दौरों में प्रभावशाली अधिकारी रहे, पहले भी विवादों में रहे हैं विशेष रूप से पत्रकार सुधीर चौधरी को 15 करोड़ वार्षिक पैकेज पर हायर करने को लेकर। उनके अचानक इस्तीफे को हिरेन जोशी प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया में इन घटनाओं को लेकर कई तरह की चर्चाएं है कुछ इसे “सफाई अभियान” बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे पीएम मोदी के लिए बड़ा झटका मानते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी अटकलें हैं कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। कुल मिलाकर बेटिंग ऐप मामले से शुरू हुआ विवाद अब केंद्र सरकार के लिए गंभीर चुनौती बनता दिख रहा है।

Share This Article