New EPFO rules:
नई दिल्ली, एजेंसियां। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सात करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए नए नियमों की घोषणा की है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें पीएफ निकासी के नियमों में बदलाव और कुछ नई शर्तें शामिल हैं।
क्या है महत्वपूर्ण बदलाव ?
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब आंशिक निकासी के लिए सभी प्रकार की आवश्यकताओं जैसे बीमारी, पढ़ाई, शादी या घर खरीदने के लिए केवल 12 महीने की नौकरी पूरी करनी होगी। पहले यह नियम कारण के आधार पर अलग-अलग था, लेकिन अब सभी आंशिक निकासी पर एकसमान शर्त लागू होगी। इससे लोगों को अपनी जरूरत के समय पीएफ से पैसा निकालना आसान होगा।
नए नियमों के अनुसार
हालांकि, नए नियमों के अनुसार अब आपके पीएफ खाते का 25% हिस्सा हमेशा EPFO में रहेगा। इसका उद्देश्य रिटायरमेंट के समय बचत सुनिश्चित करना और ऊंची ब्याज दर (8.25%) का लाभ देना है। इसका मतलब है कि यह राशि लंबे समय तक फंसी रहेगी।
बेरोजगारी की स्थिति में पूरी पीएफ राशि निकालने के लिए अब सदस्यों को 12 महीने का इंतजार करना होगा, जबकि पहले यह अवधि केवल दो महीने थी। इसके अलावा पेंशन की राशि निकालने के नियम भी सख्त किए गए हैं; पेंशनधारकों को अब पूरी पेंशन निकालने के लिए 36 महीने तक इंतजार करना होगा।
ईपीएफओ ने डिजिटल सेवाओं पर दिया जोर
ईपीएफओ ने डिजिटल सेवाओं को आसान बनाने पर भी जोर दिया है। नए नियमों के तहत दावों का निपटारा बिना कागजात के स्वचालित रूप से होगा। इसके साथ ही विश्वास योजना शुरू की गई है, जो देर से पीएफ जमा करने के मामले में मुकदमों को कम करने में मदद करेगी। पेंशनधारकों के लिए अब घर बैठे मुफ्त डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
ये बदलाव EPFO को और अधिक पारदर्शी बनाने और सदस्यों को सुविधाजनक सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं, हालांकि बेरोजगार या पेंशनधारकों के लिए लंबे इंतजार की वजह से परेशानी बढ़ सकती है।
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