Law introduced: 31वें दिन पद से हटाने का कानून पेश, PM-सीएम-मंत्रियों के लिए सख्त नियम

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नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने एक बड़ा संवैधानिक संशोधन प्रस्तावित किया है, जिसके तहत अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री किसी गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार होता है और 30 दिनों तक हिरासत में रहता है, तो 31वें दिन उसे अपने पद से हटना होगा। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में इस आशय का 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक भी लोकसभा में पेश किए गए हैं।

नए प्रस्ताव के मुताबिक

नए प्रस्ताव के मुताबिक संविधान के अनुच्छेद 75 और 164 में बदलाव कर यह नियम जोड़ा जाएगा। इस कानून का मकसद सत्ता में बैठे लोगों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। मौजूदा कानून के तहत मंत्रियों को पद छोड़ने के लिए कोई बाध्यता नहीं है, भले ही वे जेल में हों।

केवल दोषसिद्धि होने और दो साल से ज्यादा की सजा मिलने पर ही संसद या विधानसभा की सदस्यता रद्द होती है। प्रस्तावित विधेयक में यह स्पष्ट किया गया है कि जिन पर ऐसे अपराध के आरोप हैं, जिनमें 5 साल या उससे अधिक की सजा हो सकती है, और जिन्हें 30 दिनों से ज्यादा हिरासत में रखा गया है, उन्हें पद से हटना पड़ेगा।

खास बात यह भी है कि यदि वे व्यक्ति बाद में अदालत से निर्दोष साबित हो जाते हैं, तो उन्हें दोबारा पद पर नियुक्त किया जा सकता है।

प्रावधान का उद्देश्य

इस प्रावधान का उद्देश्य सत्ता की गरिमा बनाए रखना और जनता का विश्वास बरकरार रखना है। विपक्ष ने इस विधेयक पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ बताया है। उनका आरोप है कि इसका इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया जा सकता है। वहीं, सरकार का कहना है कि यह कदम लोकतंत्र में नैतिक मूल्यों को मजबूत करेगा।

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