Kunal Kamra controversy:
नई दिल्ली, एजेंसियां। स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। महाराष्ट्र विधान परिषद की प्रिविलेज कमेटी एकनाथ शिंदे पर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला देख रही है। बुधवार 4 फरवरी 2026 को कामरा को कमेटी के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होकर बयान दर्ज कराना था, लेकिन खबर लिखे जाने तक वह सुनवाई में शामिल नहीं हुए। कमेटी के अध्यक्ष प्रसाद लाड ने बताया कि यह मामला विधान परिषद में विधायक प्रवीण दरेकर और श्रीकांत भारतीय द्वारा उठाया गया था, जिसके बाद कामरा को नोटिस जारी किया गया था।
नोटिस के बावजूद पेश नहीं हुए कामरा
प्रिविलेज कमेटी ने करीब 20 दिन पहले कुणाल कामरा को दूसरा नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें 4 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया था। इससे पहले कामरा ने अपने वकील के माध्यम से जवाब देते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणी का गलत अर्थ निकाला गया है और उनकी किसी को आहत करने की मंशा नहीं थी। हालांकि कमेटी ने इस जवाब को जांच से ध्यान भटकाने वाला बताया है।
तीन नोटिस के बाद लिया जा सकता है फैसला
नियमों के अनुसार, विशेषाधिकार हनन के मामलों में आरोपी व्यक्ति को तीन बार नोटिस भेजा जाता है। यदि वह तीनों नोटिस के बाद भी कमेटी के सामने उपस्थित नहीं होता है, तो कमेटी उसके खिलाफ एकतरफा निर्णय ले सकती है। इस मामले में अब कमेटी आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकती है, जिससे कामरा की कानूनी परेशानियां बढ़ने की संभावना है।
कमेटी के सामने व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी
प्रसाद लाड ने स्पष्ट किया कि विशेषाधिकार हनन के आरोपों में संबंधित व्यक्ति को अपनी सफाई देने का पूरा अवसर दिया जाता है। सुनवाई के दौरान कामरा अपने वकील के साथ उपस्थित हो सकते हैं, लेकिन उनकी ओर से कोई अन्य व्यक्ति बयान दर्ज नहीं करा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कामरा सुरक्षा की मांग करते हैं तो उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन कमेटी के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होना अनिवार्य है।











