Kumar Vishwas
नई दिल्ली, एजेंसियां। UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की नई गाइडलाइंस को लेकर देशभर में चल रहे विवाद के बीच मशहूर कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने खुलकर विरोध जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक और तीखी पोस्ट साझा करते हुए इन नियमों को वापस लेने की मांग की है। कुमार विश्वास की इस पोस्ट के बाद यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक व सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है।
कुमार विश्वास ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा
कुमार विश्वास ने अपनी पोस्ट में दिवंगत कवि रमेश रंजन मिश्रा की कविता की पंक्तियां साझा करते हुए लिखा, “मैं अभागा सवर्ण हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा”। इसके साथ ही उन्होंने लिखा—“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा”। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए #UGC_RollBack हैशटैग का इस्तेमाल किया और नए नियमों को वापस लेने की मांग की।
क्या है मामला?
दरअसल, UGC ने 13 जनवरी 2026 को उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के उद्देश्य से नई गाइडलाइंस जारी की थीं। इन नियमों के तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विशेष समितियों, हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र की व्यवस्था अनिवार्य की गई है, ताकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी छात्रों की शिकायतों का समाधान किया जा सके। हालांकि, कुछ वर्गों का मानना है कि ये नियम सामाजिक विभाजन को और गहरा कर सकते हैं।
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा
इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC नियम 2026 के विरोध में इस्तीफा दे दिया। बाद में उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया। अग्निहोत्री ने केंद्र और राज्य सरकारों पर सामान्य वर्ग की अनदेखी का आरोप लगाया था।
कुमार विश्वास इससे पहले भी सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर बेबाक राय रखते रहे हैं। UGC नियमों पर उनका यह बयान एक बार फिर देश में शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय को लेकर नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है।












