Pithori Amavasya 2025:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पिठोरी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। यह दिन पितरों की कृपा प्राप्त करने, वंश वृद्धि और सुख-समृद्धि के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2025 में पिठोरी अमावस्या 22 अगस्त, शुक्रवार को पड़ रही है।
पिठोरी अमावस्या 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त
तिथि: 22 अगस्त 2025 (शुक्रवार)
पंचांग के अनुसार: अमावस्या तिथि मध्यकाल में रहेगी, इसलिए उसी दिन पिठोरी अमावस्या का व्रत और श्राद्ध कर्म मान्य होगा।
पिठोरी अमावस्या का धार्मिक और पौराणिक महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने एक बार इंद्र की पत्नी को पिठोरी अमावस्या की कथा सुनाई थी।मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से बलवान और बुद्धिमान संतान की प्राप्ति होती है।इसे कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहा जाता है।पितरों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद पाने के लिए यह तिथि अत्यंत शुभ है।
महत्वपूर्ण पूजन विधि और उपाय (Pithori Amavasya Upay)
स्नान
गंगा स्नान विशेष पुण्यदायक माना गया है।यदि गंगा स्नान संभव न हो, तो घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिलाएं।
श्राद्ध-तर्पण
सफेद वस्त्र पहनकर पितरों का तर्पण करें।ब्राह्मणों को भोजन कराना और दक्षिणा देना पितरों को संतुष्ट करता है।
दान-पुण्य
इस दिन कपड़े, भोजन, और गाय को चारा दान करने से जीवन में सुख और शांति आती है।जरूरतमंदों को वस्त्र और अनाज दान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
विशेष उपाय
किसी पीपल या तुलसी के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर 7 बार परिक्रमा करें।
इससे पितर प्रसन्न होते हैं और घर में शांति और समृद्धि आती है।
भगवान शिव की आराधना
शिवजी की पूजा और अभिषेक इस दिन अत्यंत फलदायी होता है।
“ॐ नमः शिवाय” का जाप मनोकामना पूर्ण करता है।
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