Karur stampede case: TVK अध्यक्ष विजय CBI के सामने हुए पेश

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Karur stampede case

चेन्नई, एजेंसियां। तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के अध्यक्ष और मशहूर अभिनेता विजय सोमवार को करूर भगदड़ मामले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के समक्ष पेश हुए। नई दिल्ली स्थित सीबीआई कार्यालय में उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई है। यह पेशी तमिलनाडु के करूर जिले में 27 सितंबर 2025 को टीवीके के एक पार्टी कैंपेन कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ की जांच से जुड़ी है। इस दर्दनाक हादसे में करीब 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद राज्यभर में आक्रोश फैल गया था और मामले की न्यायिक व कानूनी जांच की मांग तेज हो गई थी।

BNSS की धारा 179 के तहत नोटिस

सीबीआई ने इससे पहले विजय को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 179 के तहत नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था। यह नोटिस इस महीने की शुरुआत में भेजा गया था, जिसमें 6 जनवरी को पेश होने की तारीख तय की गई थी। टीवीके सूत्रों के अनुसार, विजय चार्टर्ड फ्लाइट से चेन्नई से नई दिल्ली पहुंचे और जांच में सहयोग के लिए सीबीआई मुख्यालय गए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच

करूर भगदड़ मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी। जांच के तहत एजेंसी अब तक टीवीके के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। पार्टी नेताओं ने सीबीआई को घटना से जुड़े वीडियो फुटेज भी सौंपे हैं और तमिलनाडु सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सीबीआई ने घटना के दौरान विजय द्वारा इस्तेमाल किए गए कैंपेन वाहन की भी जांच की है और वाहन चालक से भी पूछताछ की जा चुकी है।

राज्य सरकार और टीवीके के बीच कानूनी टकराव

दिसंबर की शुरुआत में तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाबी हलफनामा दाखिल कर सीबीआई जांच के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। राज्य सरकार का तर्क था कि अभिनेता और राजनेता विजय जांच एजेंसी या निगरानी समिति का चयन नहीं कर सकते, खासकर तब जब वे और उनकी पार्टी इस मामले में आरोपी हैं।

वहीं, टीवीके ने राज्य सरकार के हलफनामे को तथ्यों से परे और भ्रामक बताया है। पार्टी का कहना है कि सरकार ने सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित निगरानी समिति के अधिकार क्षेत्र को खत्म करने के लिए कोई ठोस आधार नहीं दिया है। टीवीके ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे दावे चल रही जांच और उसकी निगरानी में बाधा डाल सकते हैं। फिलहाल, करूर भगदड़ मामले में सीबीआई की जांच जारी है और विजय से की जा रही पूछताछ को मामले के लिए अहम माना जा रहा है।

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