Kanwar Yatra:
नई दिल्ली, एजेंसियां। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना कौसर हयात खान ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ रही हिंसा और सरकारी मनमानी फैसलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कांवड़ियों के उत्पात को “अत्यधिक धार्मिक उन्माद” करार दिया और पुलिस की मौजूदगी को भी इसे रोकने में नाकाफी बताया। पत्र में उन्होंने कहा कि सरकारी बयान और सुरक्षा के दावे बावजूद यात्रा के दौरान गाड़ियाँ, रिक्शा, ढाबे, होटल और दुकानें निशाना बन रही हैं। कुछ स्थानों पर यात्रा करने वालों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुई हैं।
मौलाना ने यह भी आलोचना की
मौलाना ने यह भी आलोचना की कि यात्रा मार्गों पर मीट की दुकानों और होटलों को बंद रखा गया, जबकि शराब की दुकानें खुली रहीं। इससे न सिर्फ रोजगार गंवाने वालों की संख्या बढ़ी बल्कि आम जनता की परेशानियाँ भी बढ़ीं। उन्होंने यह कार्रवाई पक्षपातपूर्ण करार दी है और ट्वीट किया है कि इससे बेरोजगारी में वृद्धि और सामाजिक असंतोष का माहौल बन रहा है।
पत्र में किए गए प्रस्तावों में शामिल हैं:
यात्रा मार्गों के लिए अलग गलियारा (corridor) बनाए जाएँ, और मुख्य मार्गों पर यातायात चलता रहे।
मीट की दुकानों व होटलों पर से प्रतिबंध हटाया जाए।
उत्पात करने वाले लोगों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
आम जनता और दुकानदारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, और यात्रा के दौरान हुई रोक-टोक और नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
इससे पहले मौलाना ने मुख्यमंत्री और यूपी DGP को भी पत्र भेजे थे, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मौलाना ने गृह मंत्री से विशेष निर्देश की अपील की है ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और समुचित व्यवस्थाओं के साथ हो सके और आम नागरिकों का हित सुरक्षित रहे।
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