Irfan Ansari:
कोलकाता, एजेंसियां। झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी, विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप को इंग्लैंड जाने की अनुमति नहीं मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने तीनों विधायकों की विदेश यात्रा की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में पासपोर्ट लौटाना या विदेश यात्रा की इजाजत देना उचित नहीं होगा।
राज्य सरकार की आपत्तियों को अदालत ने मानाः
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता जयंत सामंत ने विधायकों की याचिका का विरोध किया। उन्होंने बताया कि तीनों विधायकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक मामला लंबित है और वे नियमित रूप से अदालत में पेश नहीं हो रहे हैं।
अदालत ने यह दलील स्वीकार करते हुए कहा कि यदि पासपोर्ट लौटाया गया या विदेश यात्रा की अनुमति दी गई, तो विधायक मुकदमे की प्रक्रिया से बच सकते हैं। न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने स्पष्ट किया कि पहले उन्हें सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी और मुकदमे में सहयोग देना होगा, तभी आगे किसी राहत पर विचार किया जा सकता है।
विधायकों की दलील खारिजः
विधायकों की ओर से अधिवक्ता अयान भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें झारखंड सरकार की अनुमति से इंग्लैंड में होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में शामिल होना था और वे राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। हालांकि, अदालत ने यह दलील ठुकरा दी और कहा कि लंबित आपराधिक मुकदमे को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
क्या है मामला?
30 जुलाई 2022 को पश्चिम बंगाल पुलिस ने हावड़ा जिले के पांचला क्षेत्र से इन तीनों कांग्रेस विधायकों को 50 लाख रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने इस मामले में राजनीतिक लेन-देन और धन के स्रोत की जांच शुरू की थी। बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने तीनों को सशर्त जमानत दी थी और उनका पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने का आदेश दिया था।
अदालत ने अब दोबारा स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मुकदमे की प्रक्रिया पूरी नहीं होती और विधायक अदालत के साथ पूरा सहयोग नहीं करते, तब तक उन्हें किसी भी प्रकार की विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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