Indian Navy:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय नौसेना को आत्मनिर्भर भारत की मुहिम के तहत आज दो नई और शक्तिशाली स्वदेशी युद्धपोत INS हिमगिरि और INS उदयगिरि प्राप्त हुए। ये दोनों फ्रिगेट विशाखापत्तनम में एक साथ नौसेना बेड़े में शामिल किए गए। यह पहला मौका है जब देश के दो अलग-अलग शिपयार्डों – कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स और मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स द्वारा बनाए गए दो फ्रिगेट एक साथ कमीशन किए गए हैं। इससे नौसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
युद्धपोतों की खासियतें
INS हिमगिरि और उदयगिरि को Project 17A के तहत डिजाइन किया गया है। ये स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस हैं जो इन्हें दुश्मन के रडार से बचाती है। इनकी लंबाई 149 मीटर और वजन करीब 6,670 टन है। दोनों की अधिकतम गति लगभग 52 किमी/घंटा है और एक बार ईंधन भरने पर ये 10,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर सकते हैं।
ये युद्धपोत ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, सोनार सिस्टम, और सी किंग हेलिकॉप्टर ऑपरेशन जैसी उन्नत सुविधाओं से युक्त हैं। पनडुब्बियों और सतही खतरों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने की क्षमता इन्हें बेहद घातक बनाती है।
आत्मनिर्भर भारत का प्रमाण
इन युद्धपोतों के निर्माण में 200 से ज्यादा MSME कंपनियों ने भाग लिया, जिससे करीब 4000 लोगों को रोजगार मिला। INS हिमगिरि का नाम भारतीय नौसेना के पुराने पोत से लिया गया है, जबकि INS उदयगिरि को आंध्र प्रदेश की पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है।इनकी तैनाती से भारत की समुद्री सीमा सुरक्षा, खासकर हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में, और मजबूत होगी।
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