Indigo crisis:
नई दिल्ली, एजेंसियां। इंडिगो एयरलाइन के परिचालन संकट पर संसद में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को लोकसभा में स्पष्ट कहा कि एयरलाइन की जवाबदेही तय की जाएगी और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। मंत्री ने बताया कि डीजीसीए ने इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और एयरलाइन के जवाब के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “कोई भी एयरलाइन कितनी भी बड़ी क्यों न हो, यात्रियों की परेशानियों के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।”
नायडू ने सदन को क्या बताया?
नायडू ने सदन को सूचित किया कि परिचालन तेजी से स्थिर हो रहा है, सभी सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है और सरकार यात्रियों की सुविधा व सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार ऐसे दीर्घकालिक कदम उठा रही है, जिससे भविष्य में इस प्रकार का संकट दोबारा न उत्पन्न हो। उनका कहना था कि भारत के उड्डयन क्षेत्र को अधिक यात्री-केंद्रित बनाने के लिए सुधारों पर लगातार काम चल रहा है।
हालांकि स्थिति में सुधार के दावों के बावजूद, इंडिगो का संकट मंगलवार को आठवें दिन भी यात्रियों को परेशान करता रहा। देश के कई प्रमुख हवाईअड्डों पर 200 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं और कई में घंटों की देरी हुई। बैगेज से जुड़ी दिक्कतें और सूचना की कमी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ाती रहीं।
इंडिगो एयरलाइन ने क्या कहा?
उधर, इंडिगो एयरलाइन ने कहा है कि उसका परिचालन तेजी से पटरी पर लौट रहा है। कंपनी के मुताबिक उसने अपने नेटवर्क में 1,800 से अधिक उड़ानें संचालित की हैं और सभी स्टेशनों पर संपर्क पुनः बहाल कर दिया गया है। एयरलाइन का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) बढ़कर 91% तक पहुंच गया है, जो हालिया व्यवधानों से उबरने का संकेत देता है। पिछले सप्ताह जहां प्रतिदिन लगभग 1,650 उड़ानें संचालित हो रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1,800 से अधिक हो गई है।

