इंडिगो संकट के बीच IATA का बयान: भारत के पायलट नियम दुनिया से ज्यादा सख्त

2 Min Read

IndiGo crisis:

नई दिल्ली, एजेंसियां। अंतरराष्ट्रीय विमानन संगठन IATA ने कहा है कि भारत में पायलटों के लिए लागू नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम वैश्विक मानकों की तुलना में काफी अधिक कठोर हैं। IATA प्रमुख विली वाल्श ने बताया कि इन बदलावों को लागू करने में समय लगेगा, लेकिन ये कदम पायलट सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले एक सप्ताह से गंभीर परिचालन संकट का सामना कर रही है। नए ड्यूटी नियमों और उनकी योजना में कमी के कारण इंडिगो को सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हुए। 1 नवंबर से लागू FDTL के दूसरे चरण ने पायलटों की रात में लैंडिंग की संख्या और ड्यूटी अवधि पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर लो-कॉस्ट एयरलाइनों पर पड़ा है।

वाल्श के अनुसार

वाल्श के अनुसार पायलट थकान से जुड़े नियम दुनिया भर में चर्चा का विषय हैं, और भारत ने रात की उड़ानों में संभावित थकान को देखते हुए कड़े प्रावधान किए हैं। IATA के अनुसार ये बदलाव सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हैं, हालांकि इससे उपभोक्ताओं पर असर पड़ा है। इंडिगो की उड़ानों में लगातार व्यवधान को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को उसकी शीतकालीन निर्धारित उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती का निर्देश दिया है। IATA में दुनिया की 360 एयरलाइंस शामिल हैं, जिनमें इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट भी शामिल हैं।

Share This Article