IndiGo crisis: इंडिगो संकट के बीच यात्रियों को राहत, मिलने लगी ऑटो-रिफंड से लेकर होटल तक की सुविधा

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IndiGo crisis:

नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में इंडिगो उड़ानों पर संकट जारी है। पर यात्रियों के लिए राहत की बात है कि अब उन्हें टिकट रिफंड और होटल जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं।

सिविल एविएशन मंत्रालय ने किया हस्तक्षेपः

इंडिगो संकट को देखते हुए सिविल एविएशन मंत्रालय ने त्वरित हस्तक्षेप किया है। मंत्रालय ने यात्रियों को तत्काल राहत देने के लिए DGCA के फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) ऑर्डर को फिलहाल रोक दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह कदम एयर सेफ्टी से कोई समझौता किए बिना केवल यात्रियों—खासकर वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, मरीजों और आवश्यक यात्रा पर निर्भर लोगों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

फ्लाइट संचालन को सामान्य करने की कोशिशः

मंत्रालय के अनुसार, संचालन से जुड़े कई इमरजेंसी उपाय तुरंत लागू कर दिए गए हैं। उम्मीद है कि अगले 24 घंटे में इसका प्रभाव दिखने लगेगा और कल से शेड्यूल काफी हद तक स्थिर हो जाएगा। तीन दिनों में सेवाओं के पूरी तरह पटरी पर लौटने की संभावना है।

यात्रियों के लिए नए निर्देश और सुविधाएः
  • रियल-टाइम अपडेट अनिवार्य: एयरलाइंस अब सभी यात्रियों को लगातार और सही ऑनलाइन अपडेट उपलब्ध कराएंगी।
  • फ्लाइट रद्द होने पर ऑटो-रिफंड: किसी उड़ान के कैंसिल होते ही यात्रियों को बिना अनुरोध किए पूरा रिफंड मिल जाएगा।
  • लंबी देरी पर होटल सुविधा: अत्यधिक देरी की स्थिति में यात्रियों के लिए होटल आवास की व्यवस्था की जाएगी।
  • वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगों को विशेष सहायता: इन यात्रियों को प्राथमिकता, लाउंज एक्सेस और सभी आवश्यक हेल्प दी जाएगी।
  • देरी से प्रभावित यात्रियों के लिए रिफ्रेशमेंट: एयरलाइंस को सुनिश्चित करना होगा कि फ्लाइट लेट होने पर यात्रियों को भोजन-नाश्ता और मूलभूत सेवाएं मिलें।

  • मंत्रालय का 24×7 कंट्रोल रूम सक्रियः
  • वर्तमान स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए सिविल एविएशन मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम शुरू किया है। यात्री 011-24610843, 011-24693963 और 09650391859 पर संपर्क कर सकते हैं। यह कंट्रोल रूम सभी एयरलाइंस व एजेंसियों के साथ तालमेल कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाएगा।
    इंडिगो संकट पर हाई-लेवल जांच शुरूः
    सरकार ने घोषणा की है कि इंडिगो की सेवाओं में भारी व्यवधान के कारणों की उच्च स्तरीय जांच होगी। जांच में पता लगाया जाएगा कि संकट की वजह क्या थी, किस स्तर पर चूक हुई और किस पर जवाबदेही तय होगी। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए सुझाव भी दिये जाएंगे।
    मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी एयरलाइंस तथा DGCA के साथ संवाद कर रही है। यात्रियों की परेशानी को कम करने और उड़ानों को जल्द स्थिर करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
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