IndiGo crisis: इंडिगो संकट के बीच एक्शन में रेलवे, 37 ट्रेनों में लगाए 116 एक्सट्रा कोच

Anjali Kumari
3 Min Read

IndiGo crisis:

नई दिल्ली, एजेंसियां। इंडिगो एयरलाइन के गहरे परिचालन संकट ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। हजारों उड़ानों के रद्द होने और यात्रियों को बड़ी समस्याओं का सामना करने के बीच शुक्रवार को दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल संज्ञान लिया है। स्थिति की गंभीरता देखते हुए मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता के वकील को अपने आवास पर बुलाया, ताकि आज ही एक विशेष बेंच गठित कर सुनवाई शुरू की जा सके। याचिका में यात्रियों पर पड़े प्रभाव को मानवीय संकट बताया गया है और तत्काल राहत की मांग की गई है।

DGCA की छूट के बावजूद सुस्त परिचालन, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं:

इंडिगो की खराब होती उड़ान सेवाओं पर विमानन नियामक DGCA ने शुक्रवार को कई छूटें दीं, ताकि परिचालन सामान्य हो सके। बावजूद इसके, हालात चौथे दिन भी बेकाबू रहे। केवल एक दिन में एयरलाइन ने 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे हवाई यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। संकट को और गहरा बनाते हुए अन्य एयरलाइनों ने अपने किरायों में बढ़ोतरी कर दी है, जबकि ट्रेनों में अचानक भीड़ बढ़ गई है।DGCA ने उड़ान रद्द होने की स्थिति का व्यापक आकलन करने के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है, जिसमें संयुक्त महानिदेशक संजय के. ब्रम्हाने और वरिष्ठ संचालन निरीक्षक कैप्टन कपिल मांगलिक सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।

याचिका में उठाए गए गंभीर मुद्दे, अनुच्छेद 21 का हवाला:

दायर याचिका में दावा किया गया है कि इंडिगो का संकट यात्रियों के जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार (अनुच्छेद 21) का उल्लंघन है। इसमें आरोप लगाया गया है कि पायलटों के नए FDTL नियमों की गलत योजना के चलते उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था और उचित मुआवजे की मांग भी की गई है।

अतिरिक्त उड़ानों और ट्रेनों से मिल सकती है राहत:

संकट से निपटने के लिए स्पाइसजेट ने 100 अतिरिक्त उड़ानें शुरू की हैं। रेलवे भी सक्रिय हुआ है और कई स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है, साथ ही 37 ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं। नागर विमानन मंत्रालय 24×7 कंट्रोल रूम से परिचालन और किराया निगरानी कर रहा है।

Share This Article